गणेश चतुर्थी और विश्वकर्मा पूजा पर CM योगी की पाती, बोले- लोकल उत्पादों को बनाएं अपनी पहचान

सीएम योगी ने बताया कैसे ‘लोकल’ उत्पादों से चमकेगी प्रदेश की अर्थव्यवस्था। गणेश चतुर्थी और विश्वकर्मा पूजा पर लिखी पाती में उन्होंने कारीगरों, युवाओं, रोजगार और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश पर जोर दिया।
लखनऊ। सीएम योगी ने बताया कैसे ‘लोकल’ उत्पादों से चमकेगी प्रदेश की अर्थव्यवस्था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गणेश चतुर्थी और विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम पाती लिखकर शुभकामनाएं दीं। इस संदेश में उन्होंने सामाजिक एकता, प्रकृति संरक्षण, स्थानीय उत्पादों और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गणेशोत्सव केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति संकल्प को मजबूत करने का अवसर भी है। उन्होंने भगवान गणेश के जीवन-दर्शन को प्रकृति संरक्षण और संतुलित जीवन का संदेश देने वाला बताया।
गणेशोत्सव में सामाजिक एकता और प्रकृति संरक्षण का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में गणेशोत्सव के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पर्व समाज को एकजुट करने और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने भगवान गणेश से जुड़े ‘एकविंशति पत्र’ का उल्लेख करते हुए औषधीय पौधों और प्रकृति के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, भारतीय परंपराओं में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और संतुलन का विशेष महत्व रहा है।
उन्होंने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के योगदान का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने गणेशोत्सव को आस्था से एकता और जनशक्ति से राष्ट्र निर्माण का पर्व बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विश्वकर्मा पूजा पर विकसित यूपी का संकल्प
मुख्यमंत्री ने 17 सितंबर को मनाई जाने वाली विश्वकर्मा पूजा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अवसर प्रदेश के विकास और निर्माण से जुड़े लोगों के योगदान को सम्मान देने का भी है।
उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा पूजा के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प और मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्रों को विकास की दिशा में बढ़ते सामर्थ्य का प्रमाण बताया।
उनके संदेश में निर्माण, उद्योग, तकनीक और श्रम से जुड़े लोगों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया है।
‘वोकल फॉर लोकल’ को व्यवहार का हिस्सा बनाने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ को केवल विचार नहीं, बल्कि व्यवहार का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री के अनुसार, स्थानीय उत्पादों को सम्मान और बाजार मिलने से कारीगरों तथा शिल्पकारों को काम के अवसर प्राप्त होंगे। इससे युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती है।
उन्होंने स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों के उपयोग और प्रचार को आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कारीगरों और युवाओं को कौशल, वित्त और बाजार से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कारीगरों, शिल्पकारों और युवाओं को कौशल, उपकरण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।
उनके संदेश के अनुसार, स्थानीय प्रतिभा और संसाधनों को बेहतर अवसर मिलने से प्रदेश में रोजगार और कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है।
स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ने से छोटे उद्यमों, पारंपरिक व्यवसायों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, इन प्रयासों का वास्तविक आर्थिक प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन और बाजार की मांग पर निर्भर करेगा।
आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण पर मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और स्थानीय सामर्थ्य पर विश्वास के साथ उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने, कारीगरों का सम्मान करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री की पाती में धार्मिक पर्वों के संदेश के साथ रोजगार, कौशल विकास, उद्योग और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने की अपील भी शामिल रही।
पहले भी प्रदेशवासियों के नाम पाती लिख चुके हैं CM योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विभिन्न अवसरों पर प्रदेशवासियों के नाम पाती लिखते रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने स्वतंत्रता दिवस और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के दौरान युवा शक्ति को संबोधित करते हुए आत्मनिर्माण से राष्ट्रनिर्माण का संदेश दिया था।
श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के अवसर पर भी उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और सामाजिक सहभागिता पर जोर दिया था।
वहीं, प्रदेश सरकार के कार्यकाल और उपलब्धियों से जुड़े अवसरों पर भी मुख्यमंत्री की ओर से प्रदेशवासियों के नाम संदेश जारी किए जाते रहे हैं।




