Breaking NewsE-paperMain Slidesउत्तर प्रदेशराजनीतिराज्यलखनऊसमाचार

CM योगी ने 250 EV-CNG वाहनों को दिखाई हरी झंडी, लखनऊ में कूड़ा प्रबंधन होगा और मजबूत

110 वार्डों में शत-प्रतिशत कूड़ा एकत्रीकरण का लक्ष्य, डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को बढ़ावा

“लखनऊ कूड़ा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए CM योगी आदित्यनाथ ने 250 इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को फ्लैग ऑफ किया। इस पहल से प्रदूषण कम होगा और शहर में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी।”

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपने सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग से 250 इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल शहर में कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ-साथ हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

नगर निगम द्वारा लखनऊ के सभी 110 वार्डों में घरों, दुकानों और कार्यालयों से निकलने वाले कूड़े का शत-प्रतिशत एकत्रीकरण, परिवहन और प्रोसेसिंग सुनिश्चित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए चयनित एजेंसियों के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है, जिसकी निगरानी कमांड एंड कंट्रोल रूम से की जा रही है।

 डीजल से EV-CNG की ओर बढ़ता लखनऊ

नगर निगम ने कूड़ा उठान में डीजल चालित वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। इससे वायु प्रदूषण में कमी आने के साथ शहर में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण तैयार होने की उम्मीद है।

 आधुनिक सफाई व्यवस्था को मिलेगा बल

वर्तमान में शहर में 981 इलेक्ट्रिक और 169 CNG वाहनों के जरिए कूड़ा एकत्रीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा 50 से अधिक मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों से प्रमुख सड़कों की सफाई की जा रही है। नए 250 वाहनों के जुड़ने से यह व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी।

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार

ई-वाहनों के संचालन के लिए शहर में 13 स्थानों पर 520 चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। इससे इन वाहनों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और भविष्य में और अधिक ई-वाहनों के संचालन का रास्ता भी आसान होगा।

रोजगार और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ पर फोकस

इस योजना से लगभग 10,000 लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही ‘वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल के जरिए कूड़े को संसाधन में बदलने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

 स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

नगर निगम के इन प्रयासों से लखनऊ के स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है। यह पहल शहर को एक सस्टेनेबल और मॉडल अर्बन सिटी के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।

Related Articles

Back to top button