सीएम योगी आदित्यनाथ की दो टूक—डिजिटल गुलामी से बचें युवा
“डिजिटल एडिकशन पर योगी आदित्यनाथ की चेतावनी, युवाओं को टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया और नशे से दूर रहने की सलाह। उत्तर प्रदेश और जालौर में दिए गए संदेश में अंतिम विविधता पर जोर।”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने युवाओं को डिजिटल एडिक्शन और पारंपरिक नशे दोनों के खतरों से सावधान रहने की सख्त सलाह दी है। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेम्स का अनियंत्रित उपयोग युवाओं का कीमती समय, एकाग्रता और मानसिक संतुलन छीन रहा है, जो उनके भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
परीक्षाओं के दौर में चेतावनी
परीक्षाओं के इस महत्वपूर्ण समय में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अभिभावक की भूमिका निभाते हुए छात्रों, युवाओं और माता-पिता को जागरूक किया है। राजस्थान के जालौर में दिए गए अपने हालिया संबोधन में उन्होंने स्पष्ट कहा कि युवा पीढ़ी दोहरे खतरे से जूझ रही है—एक ओर पारंपरिक नशा और दूसरी ओर डिजिटल लत।
डिजिटल एडिक्शन बन रहा बड़ा संकट
सीएम ने कहा कि स्मार्टफोन अब केवल संचार का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह युवाओं की दिनचर्या का केंद्र बनता जा रहा है। सोशल मीडिया, वीडियो कंटेंट और मोबाइल गेम्स के कारण युवा घंटों स्क्रीन पर बिताने लगे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि:
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लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों की सेहत प्रभावित होती है
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सोचने और निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो सकती है
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अवसाद और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं
बचपन में बढ़ती मोबाइल निर्भरता पर चिंता
मुख्यमंत्री ने छोटे बच्चों को मोबाइल देने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बच्चों को चुप कराने के लिए मोबाइल देना “अपराध जैसा” है, क्योंकि इससे उनकी एकाग्रता, कल्पनाशक्ति और व्यवहारिक विकास प्रभावित होता है।
उन्होंने मातृशक्ति से अपील की कि बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर उन्हें खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें।
‘योगी की पाती’ में भी दिया संदेश
फरवरी में छात्रों के नाम लिखी ‘योगी की पाती’ में Yogi Adityanath ने बताया था कि मोबाइल किस तरह चुपचाप समय चुरा लेता है। एक वीडियो या गेम से शुरू हुआ समय कई घंटों में बदल जाता है, जिसका सीधा असर पढ़ाई पर पड़ता है।
नशे के खिलाफ भी सख्त रुख
सीएम ने पारंपरिक नशे के खिलाफ भी युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि नशे के सौदागर युवा पीढ़ी को जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। समाज को सतर्क रहकर इस खतरे का मुकाबला करना होगा।
संतुलित जीवनशैली ही समाधान
मुख्यमंत्री ने युवाओं को सलाह दी कि वे:
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पुस्तकों से मित्रता करें
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खेलकूद और योग अपनाएं
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परिवार के साथ समय बिताएं
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तकनीक का उपयोग जरूरत तक सीमित रखें
तकनीक का उपयोग करें, गुलाम न बनें
Yogi Adityanath ने कहा कि तकनीक जीवन को आसान बनाने का साधन है, लेकिन उसका अति प्रयोग जीवन की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचा सकता है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया—“तकनीक का उपयोग कीजिए, लेकिन उसके गुलाम मत बनिए।”


