आकाश आनंद ने मायावती से मांगी माफी, बोले- आप मेरी राजनीतिक गुरु, बसपा में सेवा का अवसर चाहता हूं

Akash Anand Apology: बसपा से निष्कासन के बाद आकाश आनंद ने मायावती से माफी मांगी और कहा कि वह किसी दूसरी पार्टी में नहीं जाएंगे। उन्होंने बसपा में फिर सेवा का अवसर देने की अपील की।
लखनऊ/नई दिल्ली। Akash Anand Apology: बहुजन समाज पार्टी (BSP) से निष्कासन के बाद आकाश आनंद ने मायावती से माफी मांगी है। आकाश आनंद ने मायावती को संबोधित पत्र में उन्हें अपनी राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और ‘बुआ मां’ बताते हुए कहा कि राजनीति में उन्होंने जो कुछ सीखा, वह उनके मार्गदर्शन में ही सीखा है।
आकाश आनंद ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि पिछले कुछ दिनों से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अटकलें चल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी अन्य राजनीतिक दल में नहीं जा रहे हैं और आगे भी बसपा के साथ ही रहना चाहते हैं।
‘BSP मेरे लिए सिर्फ पार्टी नहीं, मेरा परिवार’
आकाश आनंद ने कहा कि बसपा उनके लिए केवल एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि परिवार है। उन्होंने अपने पत्र में मायावती के प्रति विश्वास जताते हुए कहा कि उनका राजनीतिक रास्ता बसपा और बहुजन आंदोलन से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने मायावती से कहा कि वह उनके नेतृत्व में एक बार फिर पार्टी और मिशन की सेवा करने का अवसर चाहते हैं। आकाश ने यह भी कहा कि विश्वास केवल शब्दों से नहीं बल्कि काम और आचरण से हासिल किया जाता है और वह इसे अपनी मेहनत के जरिए साबित करने की कोशिश करेंगे।
अशोक सिद्धार्थ पर मायावती के फैसले को बताया उचित
आकाश आनंद ने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर करने और उनके राजनीतिक संन्यास से जुड़े मायावती के फैसले को भी उचित बताया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रिश्ते अपनी जगह हैं, लेकिन पार्टी और मिशन का हित उनसे ऊपर है।
आकाश के मुताबिक, पार्टी और आंदोलन के हित को व्यक्तिगत एवं पारिवारिक हितों से ऊपर रखना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने मायावती के इस फैसले के साथ खड़े होने की बात कही।
‘बाबा साहेब का मिशन, मान्यवर साहेब का रास्ता और आपका नेतृत्व’
आकाश आनंद ने अपने पत्र में बसपा के वैचारिक आधार का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहेब का मिशन, मान्यवर साहेब का रास्ता और मायावती का नेतृत्व ही उनकी राजनीति है।
उन्होंने मायावती से दोबारा पार्टी में काम करने का अवसर देने की अपील की और कहा कि वह अपने आचरण तथा मेहनत के जरिए अपना विश्वास कायम करने की कोशिश करेंगे।
सितंबर में मायावती ने आकाश आनंद को किया था पार्टी से बाहर
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब सितंबर में मायावती ने आकाश आनंद को बसपा से बाहर करने का फैसला किया था। मायावती ने उस समय संगठन और उत्तराधिकार से जुड़े कई बदलावों की घोषणा की थी। उनके छोटे भतीजे ईशान आनंद को बाद में संगठन में अहम जिम्मेदारी दी गई।
इससे पहले आकाश आनंद बसपा में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। सितंबर में पार्टी संगठन में बदलाव के तहत मायावती ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की जिम्मेदारी अपने पास रखते हुए देश के संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव किया था।
आकाश आनंद के पत्र से फिर शुरू हुई राजनीतिक चर्चा
आकाश आनंद की ताजा अपील से बसपा के भीतर उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर चर्चा फिर शुरू हो गई है। हालांकि, मायावती की ओर से आकाश आनंद के इस पत्र पर उनकी वापसी को लेकर कोई निर्णय या आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
इसलिए फिलहाल आकाश आनंद की ओर से बसपा में दोबारा काम करने की इच्छा जताई गई है, जबकि पार्टी में उनकी भविष्य की भूमिका पर अंतिम फैसला मायावती और बसपा नेतृत्व को करना है।



