अखिलेश यादव ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर साफ किया रुख, बोले- जो गठबंधन था वही आगे भी रहेगा

सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि पहले जो गठबंधन था, वही आगे भी रहेगा। यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सीट बंटवारे और चुनावी तैयारी पर भी बात की।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को पार्टी का रुख स्पष्ट किया। राज्यसभा प्रत्याशियों के नामांकन के बाद सपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव से विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि जो गठबंधन पहले था, वही आगे भी रहेगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने चुनावी तैयारी को लेकर भी जल्द तस्वीर स्पष्ट होने का संकेत दिया। सपा प्रमुख के इस बयान के बीच कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत की खबरें भी सामने आ रही हैं। कांग्रेस की ओर से अक्टूबर तक सीट बंटवारे पर बातचीत पूरी करने की बात कही गई है।
सीट बंटवारे में जीत को बताया आधार
अखिलेश यादव ने सीट बंटवारे के सवाल पर कहा कि इसका मुख्य आधार जीत होना चाहिए। यानी जिन सीटों पर गठबंधन के उम्मीदवारों की जीत की संभावना और चुनावी मजबूती होगी, उसे महत्व दिया जाएगा।
इससे पहले भी अखिलेश यादव यह कह चुके हैं कि केवल सीटों की संख्या महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि ऐसे उम्मीदवारों की पहचान जरूरी है जो संबंधित सीट पर मजबूत स्थिति में हों। ऐसे में आगामी चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के तालमेल पर आगे की बातचीत महत्वपूर्ण होगी।
कांग्रेस के साथ गठबंधन पर स्थिति स्पष्ट
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावनाओं पर पिछले कुछ समय से चर्चा जारी है। दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे और चर्चाएं सामने आती रही हैं। 30 सितंबर को अखिलेश यादव ने पुराने गठबंधन को जारी रखने की बात कहकर गठबंधन के सवाल पर अपनी पार्टी की ओर से स्थिति स्पष्ट की।
हालांकि, सीटों का अंतिम बंटवारा और उम्मीदवारों का फॉर्मूला अभी अलग प्रक्रिया का विषय है। कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई की ओर से भी सपा के साथ गठबंधन की स्थिति में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा मानने की बात कही गई है।
तीसरे राज्यसभा प्रत्याशी पर क्या बोले अखिलेश?
राज्यसभा चुनाव के लिए सपा ने बुधवार को प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को प्रत्याशी बनाया है। दोनों ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया। धनराज नथवानी रिलायंस समूह के वरिष्ठ कार्यकारी और खेल प्रशासक के तौर पर भी जाने जाते हैं।
तीसरे प्रत्याशी के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी जल्द ही संख्या और चुनावी गणित को ध्यान में रखकर नाम घोषित करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के संपर्क में भाजपा के कई लोग हैं, लेकिन उन्हें समायोजित करने के लिए कोई ऐसा वादा नहीं किया जाएगा जिसे बाद में पूरा न किया जा सके।
धनराज नथवानी को लेकर अखिलेश ने बताई वजह
धनराज नथवानी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि सपा ने नई पीढ़ी और नई सोच को अवसर देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। उन्होंने उद्योग जगत से जुड़ाव बढ़ाने की भी बात कही।
धनराज नथवानी के नाम की घोषणा सपा ने बुधवार को रामगोपाल यादव के साथ की थी। नथवानी के कॉरपोरेट और खेल प्रशासन से जुड़े अनुभव को उनकी उम्मीदवारी के संदर्भ में प्रमुखता से रिपोर्ट किया गया है।
बृजभूषण सिंह के बयान पर भी प्रतिक्रिया
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर दिए गए बयान पर भी अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बृजभूषण सिंह के साथ अपने अच्छे संबंध होने की बात कही और उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर साथ होने का उल्लेख किया।
इससे पहले बृजभूषण सिंह ने सपा-कांग्रेस के बीच गठबंधन और अखिलेश यादव को लेकर बयान दिया था। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों दलों के बीच 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे की चर्चा चल रही है।
चुनाव की तैयारी जल्द पूरी करने का संकेत
अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव की तैयारी जल्द पूरी कर ली जाएगी। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस दोनों अपने-अपने संगठनात्मक कार्यक्रम और संभावित सीटों पर तैयारी कर रहे हैं।
फिलहाल अखिलेश यादव के ताजा बयान से इतना स्पष्ट है कि सपा की ओर से कांग्रेस के साथ गठबंधन जारी रखने का रुख सामने रखा गया है, जबकि सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को लेकर आगे की बातचीत बाकी है।




