शिवसेना (यूबीटी) में टूट की चर्चा, 6 सांसद दिल्ली पहुंचे; संजय राउत ने लगाया 15 करोड़ के ऑफर का आरोप
शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों के दिल्ली पहुंचने से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। संजय राउत ने सांसदों को 15-15 करोड़ रुपये के ऑफर का आरोप लगाया, जबकि शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलें तेज हैं।
नई दिल्ली/मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता दिखाई दे रहा है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 9 सांसदों में से 6 सांसदों के दिल्ली पहुंचने के बाद पार्टी में संभावित टूट की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि ये सांसद लोकसभा अध्यक्ष Om Birla से मुलाकात कर सकते हैं और आगे की रणनीति पर फैसला ले सकते हैं।
इस घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है। खासतौर पर ऐसे समय में जब हाल ही में विपक्षी दलों के भीतर असंतोष और टूट की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।
चार्टर्ड विमान से दिल्ली पहुंचे सांसद
सूत्रों के अनुसार शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसद मंगलवार रात चार्टर्ड विमान से दिल्ली पहुंचे। इसके बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई कि ये सांसद मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले शिंदे गुट के साथ जा सकते हैं।
जानकारी यह भी सामने आ रही है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख Eknath Shinde भी दिल्ली पहुंचे हुए हैं। माना जा रहा है कि सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक श्रीकांत शिंदे के आवास पर हो सकती है।
‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा
शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता कृपाल तुमाने ने पहले दावा किया था कि “ऑपरेशन टाइगर” के तहत कई सांसदों के साथ पिछले एक महीने से बातचीत चल रही है। उनके अनुसार यह प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी तक किसी सांसद की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
संजय राउत का गंभीर आरोप
घटनाक्रम के बीच शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता Sanjay Raut ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सांसदों को पार्टी बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये का एडवांस ऑफर किया जा रहा है।
राउत ने अपनी पोस्ट में लिखा कि महाराष्ट्र के सांसदों को पार्टी बदलने के लिए भारी रकम की पेशकश की जा रही है और यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक स्थिति है।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और आरोपित पक्ष की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उद्धव ठाकरे पहले ही दे चुके हैं संकेत
इससे पहले शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख Uddhav Thackeray ने कहा था कि यदि कोई नेता पार्टी छोड़ना चाहता है तो उसे रोका नहीं जाएगा। उन्होंने कहा था कि राजनीति में दबाव बनाकर किसी को साथ रखने का कोई अर्थ नहीं है।
उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा था कि जो लोग बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा छोड़कर गए हैं, उन्हें भविष्य में अपने फैसले पर पछताना पड़ सकता है।
महाराष्ट्र की राजनीति पर पड़ सकता है असर
यदि छह सांसद वास्तव में अलग रास्ता चुनते हैं तो यह शिवसेना (यूबीटी) के लिए लोकसभा में बड़ा झटका माना जाएगा। इससे न केवल पार्टी की संसदीय ताकत प्रभावित होगी, बल्कि महाराष्ट्र की विपक्षी राजनीति पर भी इसका असर पड़ सकता है।
फिलहाल सभी की नजरें दिल्ली में होने वाली संभावित बैठकों और सांसदों की अगली घोषणा पर टिकी हैं। आने वाले घंटों में महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ा यह घटनाक्रम और स्पष्ट हो सकता है।



