वाराणसी में सपा सांसद समेत 11 नेताओं को पुलिस ने किया नजरबंद, मणिकर्णिका घाट जाने से रोका, झड़प
“वाराणसी में राजमाता अहिल्याबाई की मूर्ति खंडित किए जाने की घटना की जांच के लिए मणिकर्णिका घाट जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। सपा सांसद वीरेंद्र सिंह के आवास पर भारी पुलिस बल तैनात, कार्यकर्ताओं से झड़प।”
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में रविवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब समाजवादी पार्टी (सपा) के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। प्रतिनिधिमंडल मणिकर्णिका घाट जाकर राजमाता अहिल्याबाई की मूर्ति खंडित किए जाने की घटना की जानकारी लेने वाला था।
सर्किट हाउस और सांसद आवास पर भारी पुलिस बल
सपा सांसद वीरेंद्र सिंह के आवास और सर्किट हाउस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने किसी भी सपा नेता को बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी, जिससे कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया।
पुलिस और सपाइयों के बीच झड़प
नजरबंदी के दौरान सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी देखने को मिली। सपाइयों का आरोप है कि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से घटना स्थल पर जाने से रोका जा रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
सपा का आरोप – सच्चाई छिपाना चाहती है सरकार
सपा प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि सरकार इस मामले की सच्चाई छिपाना चाहती है। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें मणिकर्णिका घाट जाने नहीं दिया गया तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे।



