संत रविदास जयंती पर बोले योगी— संतों की वाणी कभी व्यर्थ नहीं जाती
“संत रविदास जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संतों का तप समाज को कठिन परिस्थितियों से लड़ने की शक्ति देता है। उन्होंने संत रविदास के विचारों को ‘सबका साथ, सबका विकास’ की प्रेरणा बताया।”
लखनऊ। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की जयंती के अवसर पर रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर रोड स्थित बाराबिरवा संत रविदास मठ पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने मठ परिसर में स्थापित संत रविदास की प्रतिमा और कराए गए सुंदरीकरण कार्यों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों का तप और साधना समाज को कठिन परिस्थितियों से लड़ने की शक्ति देता है और उनकी वाणी युगों-युगों तक समाज को दिशा देती रहती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत रविदास की प्रेरणा से ही आज सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि संत रामानंद परंपरा के संतों ने समाज को जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया और सामाजिक समरसता की मजबूत नींव रखी। संत रविदास ने करीब 600 वर्ष पहले ही यह कल्पना की थी कि समाज में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे और सभी को अन्न उपलब्ध हो।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार संत रविदास के विचारों को धरातल पर उतार रही है। आज देश के प्रत्येक गरीब के लिए बैंक खाता खोला गया है, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान दिए जा रहे हैं, उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन, बिजली, शौचालय और निःशुल्क राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह सभी प्रयास संत रविदास के सामाजिक दर्शन का ही साकार रूप हैं।
मुख्यमंत्री ने संत रविदास से जुड़ी एक पौराणिक कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि जब संत रविदास ने कहा था “चलो स्नान करते हैं”, तो उनकी दमड़ी को गंगा ने स्वीकार किया, जो उनकी महानता और तपस्या का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संतों की वाणी कभी व्यर्थ नहीं जाती और समाज को सदैव सही मार्ग दिखाती है।
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धन (काशी) तक पहुंचना कठिन था, लेकिन अब सरकार ने चीर गोवर्धन को भव्य रूप से विकसित किया है। वहां स्थापित विशाल प्रतिमा आज पांच किलोमीटर दूर से दिखाई देती है, जो संत रविदास के सम्मान और गौरव का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि संत रविदास ने काशी को अपनी कर्मभूमि बनाकर समाज की एकता को मजबूत किया। आज भी उनकी दिव्य आभा से समाज आलोकित हो रहा है और देश ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार सनातन परंपरा से जुड़े 1200 से अधिक धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का सुंदरीकरण करा रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि माघ पूर्णिमा के पावन पर्व पर अब तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में गंगा स्नान कर चुके हैं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



