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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट टैरिफ फैसला 2026: ट्रंप को झटका, भारत ने कही यह बड़ी बात

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट टैरिफ फैसला 2026 में डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लगाने के निर्णय को रद्द किया गया। भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि वह इस घटनाक्रम का अध्ययन कर रहा है। जानें पूरी अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक और आर्थिक खबर….

नई दिल्ली।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को यूएस सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद भारत की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।

भारत ने क्या कहा?

भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि वह अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और उसके बाद की परिस्थितियों का अध्ययन कर रहा है।

मंत्रालय ने कहा,“हमने टैरिफ पर यूएस सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ध्यान दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी इस विषय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। यूएस प्रशासन द्वारा घोषित कदमों सहित सभी घटनाक्रमों का प्रभाव के दृष्टिकोण से अध्ययन किया जा रहा है।”

यानी फिलहाल भारत ने संतुलित और सावधानीपूर्ण रुख अपनाया है और किसी त्वरित टिप्पणी से बचते हुए व्यापक असर का विश्लेषण शुरू कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि 1977 के जिस कानून का इस्तेमाल कर राष्ट्रपति ट्रंप ने कई देशों पर अचानक टैरिफ लगाए थे, वह कानून राष्ट्रपति को इस तरह व्यापक टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता।

कोर्ट के इस निर्णय से वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मच गई है, क्योंकि ट्रंप के टैरिफ फैसलों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी थी।

ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया

फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कोर्ट का निर्णय “विदेशी हितों से प्रभावित” है।

पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा,“मुझे कोर्ट के कुछ सदस्यों पर शर्म आ रही है, क्योंकि उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि इस फैसले से वह पहले से ज्यादा शक्तिशाली हो गए हैं और देश की सुरक्षा के लिए राष्ट्रपति और अधिक टैरिफ लगा सकता है।

भारत पर क्या हो सकता है असर?

अमेरिका भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ से भारतीय निर्यातकों—खासकर स्टील, एल्युमीनियम और अन्य उत्पाद क्षेत्रों—पर असर पड़ने की आशंका थी।

अब सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद स्थिति बदल सकती है। हालांकि अंतिम प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिकी प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है और क्या कोई नया कानूनी प्रावधान लाया जाता है।

संतुलित कूटनीतिक रुख

भारत ने इस पूरे घटनाक्रम पर न तो उत्साह जताया है और न ही आलोचना की है। वाणिज्य मंत्रालय का बयान संकेत देता है कि नई दिल्ली फिलहाल तथ्यों और संभावित आर्थिक प्रभाव का आकलन कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टैरिफ पूरी तरह निरस्त रहते हैं तो भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में राहत मिल सकती है।

फिलहाल सबकी नजर वॉशिंगटन की अगली चाल और वैश्विक बाजार की प्रतिक्रिया पर टिकी है।

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