Breaking NewsE-paperMain Slidesउत्तर प्रदेशनई दिल्लीबरेलीभारतराजनीतिराज्यलखनऊसमाचार

UP प्रशासन में हलचल: शंकराचार्य विवाद के बाद PCS अधिकारी का इस्तीफा

“बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से हुई मारपीट से आहत होकर इस्तीफा दे दिया।”

बरेली। उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला उन्होंने प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई कथित पिटाई और चोटी खींचे जाने की घटना के विरोध में लिया है।

सूत्रों के मुताबिक, अलंकार अग्निहोत्री इस घटना से मानसिक रूप से बेहद आहत थे। उनका मानना था कि धार्मिक आस्थाओं और सनातन परंपराओं से जुड़े लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।

 इस्तीफे की वजह क्या बनी?

अपने त्यागपत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि माघ मेले के दौरान जिस तरह से संतों के शिष्यों के साथ बल प्रयोग हुआ, वह एक संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी के लिए असहनीय था। इसी कारण उन्होंने पद पर बने रहना उचित नहीं समझा।

 अधिकारी की प्रोफाइल

अलंकार अग्निहोत्री 2019 में PCS अधिकारी बने थे और उन्होंने परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल की थी। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले वे करीब एक दशक तक आईटी सेक्टर में कार्यरत रहे। तेज-तर्रार और स्पष्ट निर्णय लेने वाले अधिकारी के रूप में उनकी पहचान रही है।

 विवाद की पूरी पृष्ठभूमि

  • 18 जनवरी (मौनी अमावस्या) को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पालकी से स्नान के लिए निकले

  • पुलिस ने पालकी रोककर पैदल जाने पर जोर दिया

  • विरोध करने पर शिष्यों से धक्का-मुक्की और मारपीट

  • आरोप है कि चोटी तक पकड़ ली गई

  • इसके बाद शंकराचार्य धरने पर बैठ गए

बाद में प्रशासन की ओर से दो नोटिस जारी हुए, जिन्हें लेकर विवाद और गहराया।

24 जनवरी की रात कुछ युवकों द्वारा शिविर में घुसने की कोशिश और नारेबाजी के बाद माहौल और गर्म हो गया। इसके बाद यह मामला धार्मिक बनाम प्रशासनिक टकराव का रूप लेने लगा।

इसी पूरे घटनाक्रम के बीच सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा सामने आना, सरकार और प्रशासन दोनों के लिए संवेदनशील संकेत माना जा रहा है।

Related Articles

Back to top button