टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में 7 गिरफ्तार, दिल्ली से पकड़े गए दो महिलाएं समेत 4 आरोपी
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में दिल्ली पुलिस ने हथियार सप्लाई करने और मुंबई पहुंचाने के आरोप में दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। CID आरोपियों को मुंबई ले गई।
मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हथियारों की कथित सप्लाई और आरोपियों के बीच संपर्क में भूमिका निभाने के आरोप में दो महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। महाराष्ट्र पुलिस के क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) की टीम चारों आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए मुंबई ले गई है।
पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि फायरिंग में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों की व्यवस्था किसने की, उन्हें मुंबई तक कैसे पहुंचाया गया और कथित शूटरों को हथियार उपलब्ध कराने में किन लोगों की भूमिका रही।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों की पहचान कुणाल (21), सुमित (19), राधा (23) और बबीता (23) के रूप में हुई है।
| आरोपी | उम्र | उपलब्ध जानकारी |
|---|---|---|
| कुणाल | 21 वर्ष | हरियाणा के सोनीपत का निवासी |
| सुमित | 19 वर्ष | हरियाणा के सोनीपत का निवासी |
| राधा | 23 वर्ष | उत्तर प्रदेश की निवासी |
| बबीता | 23 वर्ष | उत्तर प्रदेश की निवासी |
जांच एजेंसियों को संदेह है कि चारों आरोपियों की भूमिका हथियारों की व्यवस्था करने, उनकी आवाजाही और मुंबई में कथित शूटरों तक उन्हें पहुंचाने से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, आरोपियों की भूमिका और अपराध में उनकी संलिप्तता की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
हथियारों की सप्लाई और मुंबई तक पहुंचाने की जांच
जांच के अनुसार, कुणाल और सुमित पर कथित तौर पर हथियारों की व्यवस्था करने का आरोप है। वहीं, राधा और बबीता की भूमिका हथियारों को मुंबई तक पहुंचाने और वहां कथित शूटरों को सौंपने के संदेह के आधार पर जांच के दायरे में है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाएं ट्रेन से मुंबई गई थीं। वहां एक व्यक्ति से संपर्क कर हथियार सौंपे जाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां अब इस संपर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
जांच में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान दिया जा रहा है:
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हथियारों की व्यवस्था किसने की और वे कहां से प्राप्त किए गए।
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हथियारों को मुंबई तक पहुंचाने की योजना किसने बनाई।
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मुंबई में हथियार प्राप्त करने वाला व्यक्ति कौन था।
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कथित शूटरों और हथियार उपलब्ध कराने वालों के बीच संपर्क कैसे स्थापित हुआ।
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क्या इस पूरे घटनाक्रम में अन्य लोगों ने भी कोई भूमिका निभाई।
इन सवालों के जवाब आरोपियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद सामने आ सकते हैं।
कोर्ट से मिली ट्रांजिट रिमांड, मुंबई में होगी पूछताछ
दिल्ली पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस की CID की मुंबई टीम ने आरोपियों से पूछताछ और उनकी औपचारिक गिरफ्तारी के लिए अदालत से अनुमति मांगी।
अदालत ने आवेदन स्वीकार करते हुए चारों की औपचारिक गिरफ्तारी की अनुमति दी। साथ ही, उन्हें मुंबई ले जाने के लिए तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की गई।
अब मुंबई में जांच एजेंसी आरोपियों से कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क, उनके संपर्कों और फायरिंग की घटना से जुड़े अन्य पहलुओं पर पूछताछ करेगी। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि गोलीबारी की घटना को अंजाम देने में किस-किस की भूमिका रही और इसके पीछे काम करने वाला नेटवर्क कितना बड़ा है।
पहले तीन कथित शूटर भी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में दिल्ली से चार आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले राजस्थान के कोटा से तीन कथित शूटरों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया था।
इस तरह, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले में अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि, केवल गिरफ्तारी के आधार पर किसी आरोपी की दोषसिद्धि नहीं मानी जा सकती।
जांच एजेंसियां अब पहले गिरफ्तार किए गए कथित शूटरों और दिल्ली से पकड़े गए चार आरोपियों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही हैं। यह भी जांच की जा रही है कि हथियारों की सप्लाई और कथित हमले की योजना के बीच क्या संबंध था।
18 अक्टूबर को जुहू में हुई थी फायरिंग
बताया गया है कि 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर गोलीबारी की गई थी। घटना के दौरान अभिनेता सुरक्षित रहे।
मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित द्वारा जिम्मेदारी लेने की बात भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, वह हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। हालांकि, इस कथित जिम्मेदारी और पूरे घटनाक्रम के संबंध में पुलिस जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
फिलहाल जांच एजेंसियां हथियार उपलब्ध कराने वाले लोगों, कथित शूटरों, उनके संपर्कों और संभावित गैंग कनेक्शन की पड़ताल कर रही हैं। दिल्ली से गिरफ्तार चार आरोपियों को मुंबई ले जाकर पूछताछ किए जाने के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की संभावना है।



