गौतमबुद्धनगर में बन रहा देश का बड़ा एयरपोर्ट, जेवर से दिल्ली-NCR को मिलेगा नया हवाई हब
“गौतमबुद्धनगर के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण 95% पूरा हो चुका है। 10 नवंबर तक निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना है। एक रनवे के साथ 1.2 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता वाला यह एयरपोर्ट पर्यटन, उद्योग और निवेश को नई रफ्तार देगा।”
लखनऊ। Uttar Pradesh को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में Noida International Airport परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। Gautam Buddha Nagar जिले के Jewar क्षेत्र में बन रहे इस एयरपोर्ट के पहले चरण का लगभग 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य 10 नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद है।
पहले चरण में एयरपोर्ट एक रनवे के साथ संचालित होगा और इसकी वार्षिक यात्री क्षमता करीब 1.2 करोड़ होगी। अनुमान है कि यहां से प्रतिदिन औसतन करीब 150 उड़ानों का संचालन किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही यात्रियों की संख्या एक करोड़ से अधिक हो जाएगी, एयरपोर्ट पर दूसरे रनवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दो रनवे के साथ यह एयरपोर्ट करीब 7 करोड़ यात्रियों को सेवाएं देने में सक्षम होगा।
3,300 एकड़ में विकसित हो रहा पहला चरण
जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण का विकास लगभग 3,300 एकड़ क्षेत्र में किया जा रहा है। परियोजना के लिए अब तक करीब 6,700 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है, जबकि शेष 5,100 एकड़ भूमि अगले तीन महीनों में अधिग्रहित करने की योजना है।
एयरपोर्ट के लिए भूमि खरीद पर लगभग 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि निर्माण कार्य पर करीब 7,000 करोड़ रुपये की लागत आ रही है।
पांच रनवे के साथ बनेगा देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट
सरकार की योजना के अनुसार भविष्य में Noida International Airport को देश के सबसे बड़े और आधुनिक हवाई अड्डों में विकसित किया जाएगा। परियोजना के पूर्ण होने पर यहां कुल पांच रनवे होंगे और इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 11,750 एकड़ तक पहुंच जाएगा।
अंतिम रूप से तैयार होने के बाद एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 30 करोड़ यात्रियों तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है।
पर्यटन, उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
जेवर एयरपोर्ट के संचालन से Delhi NCR क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही एयरपोर्ट के आसपास लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे और उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश के नक्शे पर और अधिक मजबूती से उभरेगा।



