Breaking NewsE-paperMain Slidesउत्तर प्रदेशप्रयागराजभारतराजनीतिराज्यलखनऊसमाचार

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें और बढ़ी..

पीड़ित बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि!

“स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले में प्रयागराज के बेली अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में नाबालिगों से यौन उत्पीड़न की पुष्टि का दावा। कोर्ट में बयान के बाद झूंसी पुलिस ने जांच तेज की, पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज।”

प्रयागराज। प्रयागराज में दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस को गुरुवार को बेली अस्पताल से दोनों नाबालिग पीड़ितों की मेडिकल रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में प्राप्त हुई। सूत्रों का दावा है कि मेडिकल परीक्षण में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। हालांकि इस संबंध में पुलिस या अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।

मामले में Swami Avimukteshwaranand, उनके शिष्य मुकुंदानंद समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने रिपोर्ट को विवेचना में शामिल करते हुए जांच आगे बढ़ा दी है।

पहले सीएचसी, फिर बेली अस्पताल में हुआ मेडिकल

झूंसी थाना पुलिस ने बुधवार को दोनों नाबालिग लड़कों को मेडिकल परीक्षण के लिए पहले सरायइनायत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया। वहां से नाबालिग होने के कारण उन्हें Beli Hospital रेफर किया गया। बेली अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसकी रिपोर्ट गुरुवार को पुलिस को सौंपी गई।

सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में उत्पीड़न की पुष्टि होने की बात कही जा रही है, लेकिन अधिकारी इस पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

कोर्ट में दर्ज हुआ बयान

इससे पूर्व दोनों बच्चों को अदालत में पेश कर उनका बयान दर्ज कराया गया था। कोर्ट के समक्ष दिए गए बयान में नाबालिगों ने रोते हुए घटना का जिक्र किया और मुकुंदानंद समेत कई लोगों पर आरोप लगाए।

वादी आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार, बच्चों ने अदालत में पूरी घटना बताई है और आरोपितों के नाम भी लिए हैं।

पाक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा

कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद व तीन अज्ञात आरोपितों के खिलाफ धमकी और पाक्सो एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि महाकुंभ और माघ मेले के दौरान नाबालिग लड़कों के साथ दुष्कर्म किया गया।

पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट, पीड़ितों के बयान और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर विवेचना को मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसी भी स्तर पर जांच प्रभावित न हो। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी जारी है।

Related Articles

Back to top button