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PM Modi का ‘मदर ऑफ ऑल डील’ ऐलान, India-EU FTA से बदलेगा बाजार

“India-EU FTA Deal पर हस्ताक्षर। भारत में मर्सिडीज, BMW, विमान, इलेक्ट्रॉनिक्स और यूरोपीय शराब होंगी सस्ती। 2031 तक 51 अरब डॉलर ट्रेड का अनुमान।”

नई दिल्ली।  India-EU FTA Deal भारत के लिए ऐतिहासिक आर्थिक समझौता माना जा रहा है। भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) पर आखिरकार हस्ताक्षर हो चुके हैं। दोनों पक्षों के बीच इस समझौते को लेकर वर्ष 2007 से बातचीत चल रही थी, जो करीब 18 साल बाद सफल हुई है।

इस डील की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग और भरोसे का शानदार उदाहरण है। यह डील ग्लोबल GDP के लगभग 25% और ग्लोबल ट्रेड के करीब एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करती है।

 India-EU FTA क्यों है इतना बड़ा?

यूरोपीय यूनियन और भारत, दोनों ही वैश्विक अर्थव्यवस्था के बड़े स्तंभ हैं। इस समझौते से न केवल व्यापार बढ़ेगा, बल्कि निवेश, तकनीक और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।

 EU बनाम भारत: एक नजर में

  • EU GDP: 20 ट्रिलियन डॉलर

  • भारत GDP: 4.18 ट्रिलियन डॉलर

  • EU आबादी: 45 करोड़

  • भारत आबादी: 140 करोड़

  • EU निर्यात: 2.9 ट्रिलियन डॉलर

  • भारत निर्यात: 824.5 अरब डॉलर

भारत में क्या-क्या होगा सस्ता?

India-EU FTA Deal के बाद यूरोप से आने वाले कई उत्पादों पर आयात शुल्क (टैरिफ) कम होगा, जिससे कीमतें घटेंगी—

  • Mercedes, BMW, Porsche जैसी लग्जरी कारें

  • 15,000 यूरो (करीब 16.3 लाख रुपये) से ऊपर की कारों पर सिर्फ 40% टैरिफ

  • विमान और एविएशन पार्ट्स

  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

  • केमिकल्स और मेटल स्क्रैप

  • आधुनिक मेडिकल उपकरण

  • यूरोप से आने वाली शराब और वाइन

भारतीयों को क्या फायदा?

  • IT, इंजीनियरिंग, टेलीकॉम और बिजनेस सर्विस सेक्टर में नए अवसर

  • भारतीय कंपनियों को EU मार्केट में आसान एंट्री

  • एक्सपोर्ट बढ़ने से मैन्युफैक्चरिंग और MSME सेक्टर को बढ़ावा

 2031 तक 51 अरब डॉलर ट्रेड का अनुमान

MK Global की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, India-EU FTA के बाद वर्ष 2031 तक भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 51 अरब डॉलर (करीब 4.67 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है। इससे भारत के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

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