“Modi Cabinet बड़े फैसले के तहत केंद्र सरकार ने ₹12,236 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। रेलवे, शहरी परिवहन, एविएशन और जूट उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। नई दिल्ली में हुई यूनियन कैबिनेट बैठक में केरल का नाम ‘केरलम’ करने का निर्णय भी लिया गया।”
नई दिल्ली। मंगलवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। रेलवे, शहरी परिवहन (मेट्रो) और विमानन क्षेत्र से जुड़े परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं का कुल वित्तीय परिव्यय 12,236 करोड़ रुपये बताया गया है।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से देश में कनेक्टिविटी सुधरेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
रेलवे और शहरी परिवहन को मजबूती
कैबिनेट ने रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण से जुड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी है। साथ ही मेट्रो परियोजनाओं के विस्तार को भी स्वीकृति मिली है, जिससे शहरी क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है।
इन निवेशों से माल ढुलाई और यात्री सुविधाओं में सुधार होगा, जिससे औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियों को बल मिलेगा।
विमानन क्षेत्र को प्रोत्साहन
विमानन क्षेत्र में एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और विस्तार के लिए भी महत्वपूर्ण निवेश को मंजूरी दी गई है। इससे क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना को बढ़ावा मिलेगा और छोटे शहरों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
जूट उद्योग को बढ़ावा
कैबिनेट ने जूट उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए भी नीतिगत निर्णय लिए हैं। इससे पूर्वी भारत के जूट उत्पादक राज्यों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। जूट क्षेत्र में उत्पादन, निर्यात और रोजगार सृजन को बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
‘केरल’ अब ‘केरलम’
बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। यह निर्णय राज्य विधानसभा के प्रस्ताव के आधार पर लिया गया है।
सरकार के अनुसार, इन सभी फैसलों से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति मिलेगी और देश की आर्थिक प्रगति को मजबूती मिलेगी।