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ईरान का बड़ा हमला: यूएई और जॉर्डन में US-मेड रडार सिस्टम तबाह, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा

“ईरान के हमले में यूएई और जॉर्डन के अमेरिकी निर्मित रडार सिस्टम को भारी नुकसान हुआ है। सैटेलाइट तस्वीरों में जॉर्डन में तैनात THAAD मिसाइल बैटरी का रडार नष्ट होने की पुष्टि हुई है, जिससे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा तनाव और बढ़ गया है।”

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। Iran के हमलों से United Arab Emirates और Jordan को भारी नुकसान होने की खबर सामने आई है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि ईरान ने इन देशों में तैनात अमेरिकी निर्मित रडार सिस्टम को निशाना बनाकर तबाह कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए उन रडार सिस्टम को नष्ट करने की कोशिश की है जो क्षेत्र में हवाई सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा माने जाते हैं।

सैटेलाइट तस्वीरों से हमलों की पुष्टि

रिपोर्ट के मुताबिक अरब प्रायद्वीप के सैन्य ठिकानों से प्राप्त नई सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिलता है कि ईरान ने ऐसे रडार सिस्टम को निशाना बनाया जो मिसाइल और ड्रोन की निगरानी के लिए इस्तेमाल होते हैं। बताया जा रहा है कि शुरुआती दिनों में ही Iran ने Jordan में तैनात अमेरिकी THAAD Missile Defense System की एक रडार इकाई पर हमला किया, जिससे वह पूरी तरह नष्ट हो गई।

यह रडार सिस्टम बैलिस्टिक मिसाइलों की पहचान और उन्हें हवा में ही नष्ट करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यूएई में भी रडार ठिकानों को बनाया निशाना

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार CNN ने बताया कि United Arab Emirates में भी दो ऐसे सैन्य ठिकानों पर हमले हुए हैं, जहां इसी तरह के रडार सिस्टम मौजूद थे। हालांकि इन ठिकानों पर उपकरणों को कितना नुकसान हुआ है, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

क्यों अहम है यह रडार सिस्टम

रडार प्रणाली किसी भी हाई-एंड एयर डिफेंस सिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इसका इस्तेमाल दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाने और उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही इंटरसेप्ट करने के लिए किया जाता है।

अमेरिका के पास वर्तमान में आठ THAAD Missile Defense System बैटरियां संचालित हैं, जबकि United Arab Emirates के पास दो और Saudi Arabia के पास एक बैटरी है। इन प्रणालियों में से एक Muwaffaq Salti Air Base (जॉर्डन) में तैनात थी, जो ईरान से लगभग 500 मील से अधिक दूरी पर स्थित है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रडार सिस्टम को नुकसान पहुंचता है तो संबंधित देशों की हवाई सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो सकती है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं और बढ़ सकती हैं।

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