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भारत-ब्राजील समझौता 2026: क्रिटिकल मिनरल्स से AI तक 20 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य

भारत-ब्राजील समझौता 2026 के तहत नई दिल्ली में पीएम मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला की बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स, AI, सेमीकंडक्टर और 20 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य पर सहमति बनी। 

नई दिल्ली। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के भारत दौरे के दौरान नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। इस मुलाकात में दोनों देशों ने रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाई देने पर सहमति जताई। खास बात यह रही कि भारत और ब्राजील ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।

व्यापार को 20 अरब डॉलर पार ले जाने का संकल्प

बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा कि ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार 20 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह व्यापार केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास और दीर्घकालिक साझेदारी का प्रतीक है। राष्ट्रपति लूला के साथ आए बड़े बिजनेस डेलीगेशन को इस भरोसे का प्रमाण बताया गया।

क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स पर बड़ा समझौता

बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स पर अहम सहमति बनी। यह समझौता मजबूत और सुरक्षित सप्लाई चेन विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

आज के वैश्विक परिदृश्य में इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों के लिए क्रिटिकल मिनरल्स की रणनीतिक अहमियत बढ़ गई है। ऐसे में भारत और ब्राजील का यह सहयोग वैश्विक आपूर्ति तंत्र में स्थिरता ला सकता है।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और AI में साझेदारी

दोनों देशों ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। ब्राजील में DPI के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की दिशा में काम करने पर सहमति बनी है।

इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सुपरकंप्यूटर, सेमीकंडक्टर और ब्लॉकचेन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में भी साझेदारी को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक ऐसी होनी चाहिए जो समावेशी विकास को बढ़ावा दे और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चले। भारत और ब्राजील का मानना है कि टेक्नोलॉजी ग्लोबल साउथ के लिए प्रगति का मजबूत पुल बन सकती है।

रक्षा, स्वास्थ्य और फार्मा में भी बढ़ेगा सहयोग

रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति बनी। इसे आपसी विश्वास और रणनीतिक तालमेल का उदाहरण बताया गया।

स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल सेक्टर में भी अपार संभावनाएं जताई गईं। भारत से ब्राजील को किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं की आपूर्ति बढ़ाने पर जोर दिया गया, जिससे दोनों देशों के नागरिकों को सीधा लाभ मिल सके।

आतंकवाद पर एक सुर

बैठक के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर भी दोनों देशों ने एकजुटता दिखाई। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद और उसके समर्थक पूरी इंसानियत के दुश्मन हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जरूरी है। भारत और ब्राजील इस दिशा में मिलकर काम करते रहेंगे।

ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज

भारत और ब्राजील, दोनों बड़े लोकतांत्रिक देश हैं और ग्लोबल साउथ के प्रमुख प्रतिनिधि माने जाते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत और ब्राजील साथ मिलकर काम करते हैं तो ग्लोबल साउथ की आवाज और अधिक मजबूत और प्रभावशाली हो जाती है।

इस दौरे को दोनों देशों के रिश्तों में नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जिसमें आर्थिक सहयोग के साथ-साथ रणनीतिक, तकनीकी और वैश्विक मंचों पर साझेदारी को भी नई दिशा मिली है।

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