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आईजीआरएस प्रयागराज रैंकिंग: अंतिम पायदान से सीधे 32वें स्थान पर ऐतिहासिक उछाल

“आईजीआरएस प्रयागराज रैंकिंग में नवंबर में ऐतिहासिक सुधार हुआ। जिला 75वें से 32वें स्थान पर पहुँचा। डीएम मनीष कुमार वर्मा और टीम के प्रयासों ने तस्वीर बदल दी।”

अंतिम पायदान से शिखर की ओर: आईजीआरएस प्रयागराज रैंकिंग में ऐतिहासिक उछाल

प्रयागराज । आईजीआरएस प्रयागराज रैंकिंग नवंबर माह में एक अभूतपूर्व सुधार के साथ प्रशासनिक जगत में चर्चा का विषय बन गई है। वर्षभर रैंकिंग के अंतिम पायदानों पर रहने वाला प्रयागराज नवंबर में 74वें स्थान से सीधा 32वें स्थान पर पहुँच गया। यह बदलाव किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि महीनों से जारी प्रशासनिक अनुशासन, नेतृत्व और जमीनी सुधारों का प्रमाण है।

सात बार 75वें स्थान पर रह चुका यह जिला अब प्रदेश के तेज़ी से उभरते जिलों की श्रेणी में शामिल हो गया है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि: अंतिम स्थान से सुधार की यात्रा

साल 2024–25 के दौरान प्रयागराज की स्थिति आईजीआरएस रैंकिंग में लगातार कमजोर रही।
अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में जिला प्रदेश में अंतिम स्थान पर था।
ऐसे माहौल में जब उम्मीद धुंधली होने लगती है, सुधार की शुरुआत हुई और नवंबर ने यह दिखा दिया कि सही दिशा और नेतृत्व से कुछ भी असंभव नहीं।

डीएम मनीष कुमार वर्मा: परिवर्तन के सूत्रधार

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया कि लक्ष्य सिर्फ सुधार नहीं—उत्कृष्टता है।

✔ विभागीय प्रशिक्षण
✔ तहसील–ब्लॉक स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग
✔ शिकायत निस्तारण के लिए फील्ड–एक्शन
✔ संतोषजनक फीडबैक को प्राथमिकता

डीएम की रणनीति फाइलों से निकल कर जमीनी हकीकत में बदल गई और आईजीआरएस प्रयागराज रैंकिंग को नई ऊंचाई मिली।

एडीएम सिटी सत्यम कुमार मिश्र: क्रियान्वयन की रीढ़

एडीएम सिटी सत्यम कुमार मिश्र ने पूरे अभियान को मिशन मोड में संचालित किया।

• लगातार समीक्षा
• विभागीय समन्वय
• फील्ड में सक्रिय निगरानी
• प्रत्येक शिकायत पर फॉलो-अप

उनके नेतृत्व में शिकायत निस्तारण प्रक्रिया तेज़ हुई और गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार आया।
यह सामूहिक प्रयास ही प्रयागराज को 32वें स्थान तक ले गया।

नवंबर के आंकड़े: सफलता की असली कहानी

• कुल शिकायतें — 4112
• संतोषजनक फीडबैक — 2669
• असंतोषजनक फीडबैक — 1443

जिले को 140 में से 125 अंक मिले, जो अक्टूबर के 109 अंकों से काफी अधिक हैं।

उच्च अधिकारियों की रैंडम जांच, संदर्भ फीडिंग और डिफाल्टर मामलों में कमी—इन सभी श्रेणियों में प्रयागराज का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा।

करछना तहसील ने तोड़ा रिकॉर्ड — प्रदेश में पहला स्थान

प्रयागराज की करछना तहसील ने राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया।

✔ 100 में से 100 अंक
✔ 97.77% संतोषजनक फीडबैक
✔ एक भी डिफाल्टर नहीं

यह उदाहरण दिखाता है कि प्रतिबद्धता और जवाबदेही से उत्कृष्ट प्रदर्शन संभव है।

फीडबैक मॉनिटरिंग: प्रशासन की नई सोच

4112 में से 3400 शिकायतकर्ताओं से सीधे संपर्क स्थापित किया गया, जो यह दर्शाता है कि प्रशासन संतुष्टि आधारित निस्तारण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बना चुका है।

यह विश्वास और पारदर्शिता दोनों को मजबूत करता है।

आगे का लक्ष्य: टॉप–20 जिलों में शामिल होना

डीएम और एडीएम का लक्ष्य अब प्रयागराज को प्रदेश के टॉप-20 जिलों में शामिल करने का है।
यह सुधार सिर्फ आंकड़ों का बदलाव नहीं—बल्कि प्रशासनिक मानसिकता और कार्यसंस्कृति का परिवर्तन है।

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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल

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