शेयर बाजार में भारी गिरावट, एक दिन में निवेशकों के ₹9 लाख करोड़ डूबे
“शेयर बाजार में मंगलवार को भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा लुढ़का, जबकि निफ्टी 50 में भी तेज कमजोरी दर्ज की गई। एक ही दिन में निवेशकों के करीब ₹9 लाख करोड़ डूब गए। आईटी शेयरों में बिकवाली, वैश्विक व्यापार अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी से बाजार दबाव में रहा।”
नई दिल्ली। मंगलवार को शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1065.71 अंक लुढ़ककर 82,180.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 353 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 25,232.50 अंक पर आ गया। इस तेज गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹9 लाख करोड़ की कमी आ गई।
दिनभर बाजार दबाव में रहा और प्रमुख सूचकांक दो महीने के निचले स्तर तक फिसल गए। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर लगभग ₹456 लाख करोड़ रह गया। यह लगातार दूसरे दिन बाजार में गिरावट का संकेत है, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत टूट गया और दिन का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। विप्रो के शेयर लगभग 3 प्रतिशत गिरे, जबकि एलटीआईमाइंडट्री के शेयरों में करीब 6 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने तिमाही नतीजों में मुनाफा घटने की जानकारी दी थी, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर हुई।
वैश्विक अनिश्चितता का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता का असर भी भारतीय शेयर बाजार पर साफ नजर आया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से यूरोपीय संघ के कुछ देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी के बाद वैश्विक व्यापार को लेकर चिंता बढ़ी है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र के बाजारों में भी कमजोरी देखी गई, जिससे घरेलू बाजार पर दबाव बना।
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली भी गिरावट की बड़ी वजह रही। FIIs ने लगातार दसवें कारोबारी सत्र में भारतीय इक्विटी बाजार से पैसा निकाला। सोमवार को ही उन्होंने करीब ₹3,263 करोड़ के शेयर बेचे थे, जिससे बाजार की चाल और कमजोर हुई।
सोने-चांदी की ओर बढ़ा निवेशकों का रुझान
बाजार में बढ़ते जोखिम के बीच निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ता दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना पहली बार 4,700 डॉलर प्रति औंस के स्तर के पार पहुंच गया, जबकि चांदी भी रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास बनी रही। इससे यह संकेत मिला कि निवेशक फिलहाल शेयर बाजार से दूरी बनाकर सुरक्षित संपत्तियों को तरजीह दे रहे हैं।
तकनीकी संकेत कमजोर
विश्लेषकों का कहना है कि तकनीकी संकेतकों के अनुसार बाजार की मौजूदा संरचना कमजोर बनी हुई है। आने वाले दिनों में प्रमुख स्तरों पर बाजार की चाल यह तय करेगी कि गिरावट थमेगी या और गहरी हो सकती है।




