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महिला पहलवान यौन शोषण मामला: दलीलें नहीं रखने पर बृजभूषण शरण सिंह पर दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त आपत्ति

ट्रायल पर रोक से इनकार

“महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह की याचिका पर दलीलें न रखने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने साफ किया कि निचली अदालत में चल रहे ट्रायल पर कोई रोक नहीं लगेगी।”

नई दिल्ली।  महिला पहलवान यौन शोषण मामला एक बार फिर चर्चा में है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में आरोपी और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह की ओर से दलीलें पेश न किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि निचली अदालत में चल रहे ट्रायल पर किसी भी तरह की रोक नहीं लगाई जाएगी और सुनवाई जारी रहेगी।

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने कहा कि यह याचिका वर्ष 2024 में दाखिल की गई थी, लेकिन लंबे समय के बावजूद याचिकाकर्ता की ओर से प्रभावी ढंग से दलीलें नहीं रखी जा रही हैं। अदालत ने इसे न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी करार दिया।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान बृजभूषण शरण सिंह की ओर से पेश अधिवक्ता ने एक बार फिर दलीलें रखने के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि इतने समय बाद भी तर्क न रख पाना स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 21 अप्रैल तय की है।

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट 29 अगस्त 2024 को बृजभूषण शरण सिंह को कोई भी अंतरिम राहत देने से इनकार कर चुका है। कोर्ट ने तब कहा था कि जब ट्रायल शुरू हो चुका है, तब आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देना पूरे केस को खत्म करने का परोक्ष प्रयास माना जा सकता है।

गौरतलब है कि महिला पहलवान यौन शोषण मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट में 26 जुलाई 2024 से नियमित ट्रायल चल रहा है। ट्रायल कोर्ट ने 10 मई 2024 को छह में से पांच महिला पहलवानों के आरोपों को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय किए थे। हालांकि एक महिला पहलवान के आरोपों में उन्हें बरी कर दिया गया था।

कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354ए और 506 के तहत आरोप तय किए हैं। वहीं इस मामले में सह आरोपी और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर के खिलाफ धारा 506 के तहत आरोप तय किए गए हैं। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर 7 जुलाई 2023 को संज्ञान लिया गया था।

21 मई 2024 को बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर ने अदालत में स्पष्ट किया था कि वे ट्रायल का सामना करेंगे, हालांकि दोनों ने सभी आरोपों से इनकार किया है। अब दिल्ली हाईकोर्ट की ताज़ा टिप्पणी के बाद साफ है कि इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया बिना किसी बाधा के आगे बढ़ेगी।

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