CM योगी के जापान दौरे पर अखिलेश यादव का तंज, बोले- ‘क्योटो भी चले जाइएगा’
“CM योगी के जापान दौरे पर अखिलेश यादव का तंज—सपा प्रमुख ने क्योटो जाने की सलाह देते हुए काशी के विकास पर सवाल उठाए। जानिए यूपी राजनीति, विदेश दौरे और निवेश कार्यक्रम से जुड़ी पूरी खबर।”
नई दिल्ली/लखनऊ, 20 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित जापान और सिंगापुर दौरे को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा तंज कसा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को जापान के क्योटो शहर जाने की सलाह देते हुए काशी के विकास की तुलना करने की बात कही है।
अखिलेश का ट्वीट
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,“जापान जा रहे हैं तो क्योटो भी चले जाइएगा, जिससे ये पता चल सके कि प्रधान-संसदीय क्षेत्र काशी, क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया या उसकी विरासत कैसे बिगड़ी। जापान से विरासतों को बचाने और शहरों को आगे बढ़ाने का सकारात्मक सबक लेते आइएगा।”
उन्होंने आगे कहा,“वैसे अब चला-चली की बेला में अपने अंतिम वर्ष में कौन-सा ये जापान का अध्ययन कर लेंगे और क्या ही योजना बना पाएंगे। ये मुख्यमंत्री जी का ‘मनसुख-पर्यटन’ है।”
दौरे का कार्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 से 26 फरवरी तक विदेश दौरे पर रहेंगे।
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23 और 24 फरवरी को वे सिंगापुर में प्रवासी भारतीयों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
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25 और 26 फरवरी को जापान में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
जापान दौरे के दौरान मुख्यमंत्री टोक्यो के पास स्थित श्रीराम और हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे। बताया जा रहा है कि यह दौरा निवेश आकर्षित करने और उत्तर प्रदेश में औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
मुख्यमंत्री के इस आधिकारिक दौरे को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। जहां सरकार इसे निवेश और विकास से जोड़कर देख रही है, वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे चुनावी वर्ष में किया जा रहा ‘पर्यटन’ करार दिया है।
काशी-क्योटो मॉडल पर बहस
अखिलेश के बयान के बाद एक बार फिर काशी और जापान के क्योटो शहर की तुलना का मुद्दा चर्चा में आ गया है। केंद्र सरकार पहले भी काशी को क्योटो मॉडल पर विकसित करने की बात कह चुकी है। ऐसे में विपक्ष ने इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से उठाया है।
सीएम योगी का जापान-सिंगापुर दौरा जहां निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नजरिए से अहम माना जा रहा है, वहीं विपक्ष इसे लेकर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में यह बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।




