यूपी एमएलसी चुनाव: लखनऊ में उमेश द्विवेदी की जीत की हैट्रिक, भाजपा ने जीतीं चार सीटें; सपा के खाते में दो सीटें
UP MLC Election Result 2026: लखनऊ में भाजपा के उमेश द्विवेदी ने लगातार तीसरी बार शिक्षक एमएलसी सीट जीतकर हैट्रिक लगाई। यूपी की 11 सीटों में अब तक भाजपा ने चार और सपा ने दो सीटें जीती हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों पर हुए चुनाव की मतगणना के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है। लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी उमेश द्विवेदी ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक लगाई है। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार सुशील कुमार को 4,818 मतों के अंतर से पराजित किया।
इस जीत के साथ उमेश द्विवेदी ने लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अपना राजनीतिक दबदबा बरकरार रखा है। चुनाव परिणाम को भाजपा के लिए राजधानी में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पहले चरण की मतगणना से ही उमेश द्विवेदी बढ़त बनाए हुए थे और अंतिम परिणाम में उनकी जीत पर मुहर लग गई।
11 में से छह सीटों पर घोषित हुए परिणाम, भाजपा आगे
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए जारी मतगणना में अब तक छह सीटों के परिणाम सामने आ चुके हैं। इनमें भाजपा ने चार सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि समाजवादी पार्टी के खाते में दो सीटें आई हैं। शेष सीटों पर मतगणना जारी है।
चुनाव परिणामों को लेकर दोनों प्रमुख दलों की निगाहें बाकी सीटों पर टिकी हुई हैं। भाजपा अपनी बढ़त को बरकरार रखने की कोशिश में है, वहीं सपा भी कई निर्वाचन क्षेत्रों में मजबूत चुनौती पेश कर रही है।
सात केंद्रों पर दूसरे दिन भी मतगणना जारी
विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान कराया गया था। मंगलवार सुबह आठ बजे से सात मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती शुरू हुई थी। बुधवार को मतगणना का दूसरा दिन है।
लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में बनाए गए केंद्रों पर मतगणना की व्यवस्था की गई है। पूरी प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा के बीच सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी की निगरानी में संपन्न कराई जा रही है।
152 प्रत्याशियों की किस्मत का हो रहा फैसला
इस चुनाव में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए कुल 152 उम्मीदवार मैदान में थे। इनके राजनीतिक भविष्य का फैसला 14.81 लाख मतदाताओं के मतों से होना है।
23 अक्टूबर को हुए मतदान में करीब 55 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। अब मतगणना के जरिए यह तय हो रहा है कि शिक्षक और स्नातक वर्ग के प्रतिनिधित्व वाली इन सीटों पर किस राजनीतिक दल को कितनी सफलता मिलती है।
2027 से पहले भाजपा और सपा के लिए अहम मुकाबला
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद चुनाव के नतीजों को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा के लिए लखनऊ, मेरठ और अन्य क्षेत्रों में जीत पार्टी की स्थिति को मजबूत करने वाली है, जबकि सपा की जीत और विभिन्न सीटों पर उसकी बढ़त ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
हालांकि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का मतदाता वर्ग सीमित और विशिष्ट होता है, इसलिए इन परिणामों को सीधे विधानसभा चुनाव का संकेत नहीं माना जा सकता। इसके बावजूद दोनों दलों के लिए यह चुनाव अपने संगठनात्मक प्रभाव और समर्थक वर्ग के बीच पकड़ परखने का अवसर है।


