आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्णब का कहर, 100 KM की रफ्तार से चली हवाएं; कई इलाकों में जलभराव, सड़कें बं
चक्रवात अर्णब के तट से टकराने के बाद आंध्र प्रदेश के 15 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी। ओडिशा में भारी बारिश, 135 KM की रफ्तार से हवाएं और NDRF-SDRF की टीमें तैनात। जानें ताजा अपडेट।
नई दिल्ली/अमरावती। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ बुधवार, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के यानम तटीय क्षेत्र में गंभीर असर दिखा रहा है। तूफान के कारण तटीय इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश के 15 जिलों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ओडिशा में भी भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात के केंद्र में हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा बनी हुई है। हवा के तेज झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। तूफान के प्रभाव से कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। कुछ इलाकों में सड़कें बंद हो गई हैं और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है।
आंध्र प्रदेश के 15 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट
चक्रवात अर्णब के प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश के 15 जिलों में अचानक बाढ़ आने की चेतावनी जारी की गई है। इनमें बापटला, गुंटूर, कृष्णा, एनटीआर, एलुरु, विशाखापत्तनम और श्रीकाकुलम समेत अन्य जिले शामिल हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में अचानक पानी भर सकता है। नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में खतरा बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों को घरों के भीतर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।
खासकर तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
14 जिलों में NDRF-SDRF की 22 टीमें तैनात
चक्रवात से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। राज्य के 14 संवेदनशील जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें तैनात की गई हैं।
सरकार के मुताबिक:
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NDRF की 12 टीमें तैनात की गई हैं।
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SDRF की 10 टीमें राहत और बचाव कार्य में लगाई गई हैं।
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राज्यभर में 2,199 साइक्लोन शेल्टर सक्रिय किए गए हैं।
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संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
इन टीमों को पेड़ गिरने, जलभराव, मकानों को नुकसान पहुंचने और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।
काकीनाडा में उप्पड़ा तटीय सड़क बही, सैकड़ों पेड़ उखड़े
चक्रवात अर्णब का असर आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में भी दिखाई दिया है। यहां तेज हवाओं और समुद्र की लहरों के कारण उप्पड़ा तटीय सड़क को भारी नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट के मुताबिक सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह बह गया।
जिले के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, तूफानी हवाओं के कारण सैकड़ों पेड़ और करीब 100 बिजली के खंभे उखड़ गए। कई स्थानों पर यातायात और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।
कोनासीमा जिले और कृष्णा जिले के मछलीपट्टनम में भी तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और जलभराव की खबरें सामने आई हैं। कुछ सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हुआ है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दिए दो घंटे में सड़कें साफ करने के निर्देश
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों समेत करीब 32 हजार कर्मचारियों के साथ राहत एवं बचाव व्यवस्था पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तूफान के कारण सड़कों पर गिरे पेड़ों और मलबे को हटाकर दो घंटे के भीतर यातायात बहाल करने का प्रयास किया जाए। उन्होंने हवा की रफ्तार कम होते ही बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रशासन की पूर्व तैयारियों के कारण अब तक किसी की मौत की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी रखने को कहा गया है।
यानम में मकान पर गिरा बरगद का पेड़, चार घर प्रभावित
पुडुचेरी के यानम क्षेत्र में चक्रवात के दौरान तेज हवाओं ने कई मकानों और सड़कों को प्रभावित किया। यहां एक विशाल बरगद का पेड़ मकान पर गिर गया, जिससे आसपास के चार घर प्रभावित हुए।
NDRF के कमांडर के अनुसार, 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से चली हवाओं के कारण कई पेड़ उखड़ गए। राहत की बात यह रही कि समय रहते लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
यानम की मुख्य सड़कों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। पुडुचेरी के मंत्री मल्लाडी कृष्णा राव ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया।
ओडिशा में हाई अलर्ट, पुरी तट पर उठीं ऊंची समुद्री लहरें
चक्रवात अर्णब के प्रभाव को देखते हुए ओडिशा सरकार ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। पुरी के समुद्र तट पर बंगाल की खाड़ी में ऊंची लहरें उठती दिखाई दीं। समुद्र में तेज हलचल के कारण तटीय इलाकों में खतरा बढ़ गया है।
राज्य सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए व्यवस्था की है। जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया है। भूस्खलन की आशंका वाले मार्गों पर आवाजाही रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री ने बताया कि मछुआरों की नावें सुरक्षित रूप से तट पर लौट आई हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।
आंध्र प्रदेश के तीन हवाई अड्डों पर उड़ानें प्रभावित
चक्रवात के चलते हवाई यातायात पर भी असर पड़ा है। इंडिगो एयरलाइन ने बुधवार को राजमुंदरी, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम आने-जाने वाली उड़ानों के प्रभावित होने की जानकारी दी है।
एयरलाइन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें। खराब मौसम के कारण उड़ानों के समय में बदलाव या रद्द होने की स्थिति बन सकती है।
हिमाचल प्रदेश तक दिख सकता है चक्रवात का असर
चक्रवात अर्णब का प्रभाव दक्षिण भारत तक सीमित नहीं रहने की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश में भी 29 से 31 अक्टूबर के बीच इसके प्रभाव से बारिश हो सकती है।
मौसम केंद्र के निदेशक शोभित कटियार के मुताबिक, शिमला, मंडी और सोलन सहित कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और आंधी-तूफान को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
चक्रवात के प्रभाव और आगामी दिनों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बुधवार, 28 अक्टूबर को सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे भी आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
चक्रवात अर्णब को लेकर लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
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प्रशासन की अनुमति के बिना घरों से बाहर न निकलें।
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समुद्र तटों, नदियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
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बिजली के टूटे तारों और गिरे हुए खंभों को न छुएं।
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तेज हवाओं के दौरान पेड़ों और कमजोर इमारतों के पास खड़े न हों।
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मोबाइल फोन चार्ज रखें और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित स्थान पर रखें।
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किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम से संपर्क करें।



