लखनऊ सेक्स रैकेट में बड़ा खुलासा: नेपाल रूट से विदेशी युवतियों की एंट्री, लोला के नेटवर्क की तलाश में पुलिस
लखनऊ सेक्स रैकेट मामले में गिरफ्तार उज्बेकिस्तान की लोला क्यूमोवा से पूछताछ में विदेशी युवतियों को नेपाल के रास्ते भारत लाने वाले कथित नेटवर्क की जानकारी सामने आई है। पुलिस लोला के सहयोगियों, ठिकानों और दस्तावेजों की जांच कर रही है।
लखनऊ। राजधानी में सामने आए सेक्स रैकेट मामले की जांच अब विदेशी युवतियों को भारत लाने वाले कथित नेटवर्क तक पहुंच गई है। मामले में गिरफ्तार उज्बेकिस्तान की लोला क्यूमोवा से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिलने का दावा किया जा रहा है। जांच में नेपाल के रास्ते दूसरे देशों की युवतियों को भारत लाकर लखनऊ समेत अन्य शहरों में ठहराने और भेजने की आशंका सामने आई है। पुलिस अब लोला के संपर्क में रहे लोगों और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य सक्रिय सदस्यों की जानकारी जुटा रही है।
नेपाल के रास्ते विदेशी युवतियों को भारत लाने का दावा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान लोला से विदेशी महिलाओं के भारत आने और उनके ठहरने से जुड़े कई सवाल किए गए। पुलिस को जानकारी मिली है कि उसके संपर्क में रहने वाली कुछ महिलाएं उसके पकड़े जाने के बाद भी सक्रिय हो सकती हैं।
आरोप है कि ये महिलाएं नेपाल के रास्ते विदेशी युवतियों को भारत लाने के बाद उन्हें अलग-अलग शहरों में ठहराने की व्यवस्था करती थीं। इसके बाद युवतियों को लखनऊ समेत अन्य स्थानों पर भेजे जाने की आशंका है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरी व्यवस्था में कौन-कौन लोग शामिल थे और विदेशी महिलाओं को भारत पहुंचाने से लेकर उनके ठहरने तक की जिम्मेदारी किसकी थी।
लखनऊ में दो ठिकानों की जानकारी से बढ़ी जांच
पुलिस के मुताबिक, लोला लंबे समय से भारत के अलग-अलग राज्यों में रहकर गतिविधियां संचालित कर रही थी। लखनऊ में उसके दो ठिकाने होने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। पुलिस इन स्थानों पर विदेशी युवतियों के रुकने और उन्हें दूसरे स्थानों पर भेजे जाने से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि नेपाल से भारत आने के बाद विदेशी युवतियों को लखनऊ तक पहुंचाने में किन लोगों की मदद ली जाती थी। पुलिस नेटवर्क से जुड़े मोबाइल नंबर, संपर्क और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी खंगाल रही है।
तुर्कमेनिस्तान की महिला के साथ क्लीनिक पहुंची थी लोला
जांच के दौरान सात अगस्त की घटना भी पुलिस के लिए अहम कड़ी बनी। लोला तुर्कमेनिस्तान की एक महिला के साथ डाक्टर विवेक की क्लीनिक पहुंची थी। विदेशी महिला के पास मेडिकल वीजा और दिल्ली में इलाज से संबंधित दस्तावेज बताए गए थे।
नियमानुसार क्लीनिक की ओर से विदेशी महिला की जानकारी एफआरओ को भेजी गई थी। दस्तावेजों में लोला का आधार कार्ड रेफरेंस के तौर पर लगा मिला। इसके बाद एफआरओ और पुलिस की टीम क्लीनिक पहुंची और दोनों से पूछताछ की। इसी कार्रवाई के बाद लोला को गिरफ्तार किया गया।
शादी का दावा, दस्तावेजों की भी जांच
पुलिस की जांच में लोला के लखनऊ निवासी जनक प्रताप सिंह से शादी करने का दावा भी सामने आया है। हालांकि पुलिस को अभी जनक का पता नहीं चल सका है। लोला के मुताबिक, जनक करीब दो महीने पहले उसे छोड़कर चला गया था।
पुलिस ने लोला के आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य दस्तावेजों को जांच के लिए भेजा है। इन दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं दस्तावेज फर्जी तरीके से तो तैयार नहीं कराए गए और यदि ऐसा हुआ तो इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
एक साल से पुलिस के रडार पर थी लोला
पुलिस के अनुसार, विदेशी महिलाओं को अवैध रूप से भारत में रहने में मदद करने और इसके बदले आर्थिक लाभ लेने की सूचना जून 2025 में मिली थी। विदेशी महिलाओं की पहचान बदलने के लिए बिना जरूरी दस्तावेज प्लास्टिक सर्जरी कराने जैसी जानकारी भी जांच के दौरान सामने आई थी। इस संबंध में सुशांत गोल्फ सिटी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
इसी मामले की विवेचना और एफआरआरओ से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस लोला तक पहुंची। पुलिस का दावा है कि लोला के पासपोर्ट और वीजा की वैधता समाप्त होने के बावजूद वह कई वर्षों से भारत में रह रही थी।
नेटवर्क के दूसरे सदस्यों की तलाश तेज
लोला की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके संपर्क में रहे लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। खासतौर पर विदेशी युवतियों को भारत लाने, उनके दस्तावेज तैयार कराने, ठहरने की व्यवस्था करने और उन्हें अलग-अलग शहरों में भेजने वाले कथित नेटवर्क पर जांच केंद्रित है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि लोला से जुड़े लोगों का नेटवर्क केवल लखनऊ तक सीमित था या देश के दूसरे शहरों में भी इसकी गतिविधियां फैली हुई थीं। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना जताई जा रही है।




