Breaking NewsE-paperउत्तर प्रदेशराजनीतिलखनऊसमाचार

लखनऊ नगर निगम कार्यकारिणी समिति में 6 सदस्य निर्विरोध निर्वाचित, भाजपा का दबदबा कायम

छह सदस्य निर्विरोध निर्वाचित, पांच भाजपा और एक सपा पार्षद बनीं सदस्य; उपाध्यक्ष पद को लेकर तेज हुई सियासी हलचल

लखनऊ नगर निगम कार्यकारिणी समिति के चुनाव में 6 सदस्य निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। भाजपा के पांच और समाजवादी पार्टी की एक सदस्य समिति में शामिल हुईं। उपाध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पढ़ें पूरी खबर।

लखनऊ। नगर निगम की वित्तीय, प्रशासनिक और विकास योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में अहम भूमिका निभाने वाली लखनऊ नगर निगम कार्यकारिणी समिति के चुनाव में छह सदस्य निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। इनमें पांच सदस्य भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से और एक सदस्य समाजवादी पार्टी (सपा) से चुनी गई हैं।

नगर निगम मुख्यालय स्थित त्रिलोकीनाथ सभागार में आयोजित विशेष अधिवेशन के दौरान चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई। चूंकि निर्धारित छह सीटों के लिए केवल छह ही नामांकन दाखिल हुए थे, इसलिए मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी और सभी उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

भाजपा के पांच, सपा की एक सदस्य चुनी गईं

निर्वाचित सदस्यों में भाजपा की ओर से सुशील तिवारी ‘पम्मी’, राजीव बाजपेयी, संजय राठौर, विनोद यादव और रश्मि सिंह शामिल हैं। वहीं समाजवादी पार्टी की ओर से ममता रावत कार्यकारिणी समिति की सदस्य निर्वाचित हुईं।

भाजपा ने पहले ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी, जबकि विपक्ष की ओर से अतिरिक्त प्रत्याशी नहीं उतारे जाने के कारण सभी उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए।

ममता रावत के नाम पर अंतिम समय में फैसला

राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि समाजवादी पार्टी वरिष्ठ पार्षद यावर हुसैन रेशू को उम्मीदवार बना सकती है। हालांकि चुनाव से ठीक पहले पार्टी ने रणनीति बदलते हुए महिला पार्षद ममता रावत को उम्मीदवार बनाया।

सपा पार्षद दल के नेता कामरान बेग ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने और संगठनात्मक संदेश देने के उद्देश्य से पार्टी ने यह निर्णय लिया।

नगर निगम की सबसे प्रभावशाली समिति

कार्यकारिणी समिति को नगर निगम की सबसे महत्वपूर्ण समितियों में गिना जाता है। यह समिति बजट, वित्तीय प्रस्तावों, प्रशासनिक निर्णयों, विकास कार्यों और नीतिगत मामलों पर विचार कर निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

महापौर के साथ समिति के सदस्य नगर निगम की विकास योजनाओं की दिशा तय करने और विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी देने का कार्य करते हैं। यही कारण है कि इस समिति के चुनाव को नगर निगम की राजनीति में विशेष महत्व दिया जाता है।

समाप्त हुआ पुराने सदस्यों का कार्यकाल

हाल ही में जिन छह सदस्यों का कार्यकाल पूरा हुआ, उनमें भाजपा के भुगुनाथ शुक्ला, अनुराग मिश्रा, गौरी सांवरिया, कृष्ण नारायण सिंह और चरनजीत सिंह गांधी तथा समाजवादी पार्टी की सबा हसन मंसूरी शामिल थीं।

वर्तमान में कार्यकारिणी समिति में पहले से भाजपा के अरुण राय, पृथ्वी गुप्ता, पिंकी रावत, राजेश सिंह गब्बर और संदीप शर्मा तथा सपा के रामनरेश चौरसिया सदस्य के रूप में कार्यरत हैं।

उपाध्यक्ष पद को लेकर बढ़ी हलचल

नए सदस्यों के चयन के बाद अब कार्यकारिणी समिति के उपाध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब तक यह जिम्मेदारी चरनजीत सिंह गांधी के पास थी, जिनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है।

भाजपा पार्षद सुशील तिवारी ‘पम्मी’ को उपाध्यक्ष पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और समिति की आगामी बैठक में लिया जाएगा।

नगर निगम की राजनीति में इस चुनाव को भाजपा के संगठनात्मक वर्चस्व और विपक्ष की सीमित चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में समिति के गठन के बाद शहर की विकास परियोजनाओं और वित्तीय निर्णयों पर इसका सीधा प्रभाव देखने को मिलेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button