Breaking NewsE-paperMain Slidesउत्तर प्रदेशनई दिल्लीभारतराजनीतिराज्यसमाचार

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: महिला सेना अधिकारियों को मिलेगा पूरा पेंशन लाभ

सुप्रीम कोर्ट महिला अधिकारी पेंशन फैसला 2026: SSC महिला अफसरों को परमानेंट कमीशन न मिलने पर भी मिलेगा पूरा पेंशन लाभ। जानिए पूरा फैसला।

नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट ने सशस्त्र बलों की महिला अधिकारियों को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए बड़ी राहत दी है। अदालत ने कहा कि शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) के तहत सेवा देने वाली उन महिला अधिकारियों को, जिन्हें परमानेंट कमीशन (PC) नहीं मिला, अब पूर्ण पेंशन लाभ दिए जाएंगे।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने फैसले में माना कि महिला अधिकारियों को परमानेंट कमीशन न दिया जाना केवल व्यक्तिगत मूल्यांकन का परिणाम नहीं था, बल्कि यह एक “प्रणालीगत भेदभाव” का नतीजा था। कोर्ट ने कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया में निष्पक्षता की कमी ने महिला अधिकारियों के करियर और प्रगति को प्रभावित किया।

अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 का उपयोग करते हुए निर्देश दिया कि 2019, 2020 और 2021 में परमानेंट कमीशन के लिए विचार की गई सभी महिला अधिकारियों को 20 वर्ष की सेवा पूरी करने वाला माना जाए। इसके आधार पर वे पेंशन और अन्य सभी लाभों की हकदार होंगी, हालांकि उन्हें पूर्व वेतन का बकाया नहीं मिलेगा।

यह फैसला विंग कमांडर सुचेता ईडन समेत अन्य द्वारा दायर याचिकाओं पर आया, जिनमें परमानेंट कमीशन न दिए जाने को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि पहले महिलाओं की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) इस धारणा के साथ तैयार की जाती थीं कि उन्हें करियर में आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिलेगा, जिससे उनकी मेरिट प्रभावित हुई।

पीठ ने यह भी माना कि महिला अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर समान अवसर नहीं मिले, जिससे वे अपने पुरुष समकक्षों की तुलना में पीछे रह गईं। अदालत ने सेना, नौसेना और वायुसेना के मामलों की अलग-अलग समीक्षा करते हुए यह निर्णय दिया।

हालांकि, कोर्ट ने सेवा में न रह चुकी अधिकारियों को ‘काल्पनिक प्रमोशन’ देने की मांग को खारिज कर दिया। यह फैसला महिला सैन्य अधिकारियों के अधिकारों और लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Related Articles

Back to top button