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ईरानी युद्धपोत डूबने पर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला

West Asia Crisis Rahul Gandhi Statement: “श्रीलंका के पास अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत डुबोने की घटना पर राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया का संघर्ष अब भारत के दरवाजे तक पहुंच गया है।”

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत डूबने की घटना को लेकर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिम एशिया का संघर्ष अब भारत के दरवाजे तक पहुंच गया है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ऐसे समय में देश को मजबूत और स्पष्ट नेतृत्व की जरूरत है, लेकिन प्रधानमंत्री की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को कमजोर किया गया है।

श्रीलंका के पास डूबा ईरानी युद्धपोत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीलंका के पास हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को निशाना बनाया, जिसके बाद वह डूब गया। इस घटना में भारी जनहानि की आशंका जताई जा रही है। बताया गया है कि जहाज पर लगभग 180 लोग सवार थे।

Sri Lanka की नौसेना के अनुसार अब तक 87 शव बरामद किए गए हैं और 32 लोगों को बचाया गया है। घायलों को दक्षिणी शहर Galle के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

भारत से लौट रहा था जहाज

जानकारी के अनुसार यह ईरानी युद्धपोत Visakhapatnam में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (IFR-2026) और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद वापस लौट रहा था। भारत ने इस जहाज को इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था।

तेल आपूर्ति पर खतरे की आशंका

राहुल गांधी ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत के 40 प्रतिशत से अधिक तेल आयात Strait of Hormuz से होकर गुजरते हैं। ऐसे में क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ने से भारत की तेल, एलपीजी और एलएनजी आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

पूर्व विदेश सचिव ने जताई चिंता

भारत के पूर्व विदेश सचिव Kanwal Sibal ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरानी युद्धपोत भारत के निमंत्रण पर नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था। उनके मुताबिक ऐसे अभ्यासों में जहाज आमतौर पर गोला-बारूद नहीं रखते, इसलिए हमला गंभीर चिंता का विषय है और भारत की संवेदनशीलता को नजरअंदाज किया गया है।

ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी

इस घटना के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिका को इस कार्रवाई पर पछताना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी चेतावनी के ईरानी फ्रिगेट पर हमला किया गया।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ भारत की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है।

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