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अविमुक्तेश्वरानंद अग्रिम जमानत याचिका: इलाहाबाद HC में POCSO केस को दी चुनौती

अविमुक्तेश्वरानंद अग्रिम जमानत याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की गई है। झूंसी थाने में POCSO एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे को चुनौती देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अग्रिम जमानत की मांग की है।

प्रयागराज। प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज POCSO मामले को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने विशेष POCSO कोर्ट के आदेश पर दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है।

स्वामी की ओर से अधिवक्ता राजर्षि गुप्ता ने हाई कोर्ट में याचिका प्रस्तुत की है। राज्य सरकार को नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और मामले में जल्द सुनवाई की संभावना जताई जा रही है।

विशेष अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ था मुकदमा

मामला उस समय दर्ज किया गया जब विशेष POCSO कोर्ट ने पुलिस को अभियोग पंजीकृत कर विवेचना का निर्देश दिया था। अदालत ने अपने आदेश में जांच को निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा था।

आरोप है कि महाकुंभ के दौरान नाबालिग लड़कों के साथ दुष्कर्म की घटना हुई। अदालत ने पीड़ितों के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस आयुक्त से विस्तृत जांच रिपोर्ट भी तलब की थी।

चार आरोपितों के खिलाफ केस

पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद समेत चार लोगों के खिलाफ POCSO एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर प्रथम दृष्टया गंभीर एवं संज्ञेय अपराध का मामला बनता है।

आरोपों से किया इनकार

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को पूरी तरह निराधार और असत्य बताया है। उन्होंने हाई कोर्ट से प्राथमिकी को निरस्त करने तथा गिरफ्तारी से संरक्षण देने की मांग की है।

अब इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट में होगी, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

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