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काशी द्वार योजना के खिलाफ प्रदर्शन, कमलेश पासवान बीच में ही छोड़कर चले गए प्रेस कॉन्फ्रेंस

“वाराणसी में काशी द्वार योजना के विरोध में किसानों का हंगामा। केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान को बीच में ही छोड़नी पड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस, 10 किसान हिरासत में।”

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शनिवार को उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान के सामने किसानों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। किसान काशी द्वार आवास योजना के तहत हो रहे भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे थे। हालात बिगड़ते देख केंद्रीय मंत्री को प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच में ही छोड़कर निकलना पड़ा।

सर्किट हाउस पहुंचकर किसानों ने किया विरोध

केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान शनिवार को वाराणसी के सर्किट हाउस में बजट पर चर्चा के बाद प्रेस वार्ता करने पहुंचे थे। इसी दौरान मानपुर, मनौली, चकिन्दर और जददुपुर गांवों से जुड़े किसान वहां पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी।

किसानों के अचानक विरोध से माहौल गर्मा गया। मंत्री ने किसानों से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। स्थिति बिगड़ती देख मंत्री को प्रेस वार्ता छोड़कर वहां से जाना पड़ा।

10 किसान हिरासत में

हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 किसानों को हिरासत में ले लिया। एसीपी कैंट नितिन तनेजा ने बताया कि बिना अनुमति के प्रदर्शन करना और प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्यवधान डालना कानूनन उचित नहीं है। इसी कारण आवश्यक कार्रवाई की गई है।

800 एकड़ जमीन अधिग्रहण का विरोध

यह पूरा मामला पिंडरा तहसील क्षेत्र से जुड़ा है, जहां सरकार की योजना के तहत 10 गांवों की 800 एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहित की जानी है। इस जमीन पर काशी द्वार आवास योजना के अंतर्गत हाईटेक कॉलोनी विकसित करने की योजना है।

आवास विकास परिषद द्वारा सात गांवों में सर्वे पूरा किया जा चुका है, जबकि चार गांवों में किसानों के विरोध के कारण कार्य रुका हुआ है। किसानों का साफ कहना है कि वे किसी भी हाल में अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं।

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