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‘हमारे बीच सब ठीक’, राहुल गांधी और खरगे से मुलाकात के बाद बोले शशि थरूर

“Shashi Tharoor ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से संसद में मुलाकात की। बैठक के बाद थरूर बोले– हमारे बीच सब ठीक है, पार्टी चुनाव से पहले शिकायतें दूर करेगी।”

 नई दिल्ली। Shashi Tharoor Congress Meeting: कांग्रेस से मनमुटाव की अटकलों के बीच तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कर सियासी हलकों में चल रही चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश की है। थरूर ने संसद भवन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की।


करीब 90 मिनट तक चली इस बैठक के बाद शशि थरूर ने साफ कहा कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक है।

थरूर ने पत्रकारों से कहा,“हमारी बहुत अच्छी, रचनात्मक और सकारात्मक बातचीत हुई। हमारे बीच सब ठीक है और हम सब एक ही पेज पर आगे बढ़ रहे हैं।”

 थरूर ने खुद मांगा था मिलने का समय

सूत्रों के अनुसार, शशि थरूर ने ही राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मिलने का समय मांगा था। इस बैठक में उन्होंने पार्टी को लेकर अपनी चिंताएं, सुझाव और विचार नेतृत्व के सामने रखे। बताया जा रहा है कि कांग्रेस आगामी चुनावों से पहले इन शिकायतों को दूर करने की दिशा में कदम उठा सकती है।

 क्या है पूरा मामला?

पिछले साल अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकट प्रबंधन की सार्वजनिक रूप से सराहना की थी। इस बयान पर कांग्रेस के कई नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और थरूर को पार्टी लाइन से हटकर बयान देने के लिए निशाने पर लिया गया।

 पीएम मोदी की तारीफ से बढ़ी दूरी

नवंबर 2025 में एक निजी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की तारीफ करते हुए थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था कि यह भाषण “आर्थिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक बदलाव का आह्वान” था। इस पर कांग्रेस नेताओं सुप्रिया श्रीनेत और संदीप दीक्षित ने तीखा पलटवार किया था।

 ‘फैमिली बिजनेस’ लेख से नाराजगी

इसी महीने प्रकाशित थरूर का लेख ‘Indian Politics Are a Family Business’ भी विवाद की वजह बना, जिसमें परिवार-आधारित राजनीतिक दलों की आलोचना की गई थी। कांग्रेस नेतृत्व को यह टिप्पणी रास नहीं आई और मतभेद और गहराते दिखे।

 चुनाव से पहले सुलह की कोशिश

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर की यह मुलाकात कांग्रेस के भीतर डैमेज कंट्रोल और एकजुटता का संकेत है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी आगामी चुनावों की रणनीति पर काम कर रही है।

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