IAS रिंकू सिंह राही का इस्तीफा: सिस्टम से नाराज होकर छोड़ी नौकरी, लगाए गंभीर आरोप
“UP के 2022 बैच के IAS रिंकू सिंह राही ने जिम्मेदारीपूर्ण पोस्टिंग न मिलने के आरोप लगाते हुए इस्तीफा दिया। जानिए पूरा मामला, वजह और विवाद की पूरी कहानी।”
लखनऊ: उत्तर प्रदेश कैडर के 2022 बैच के IAS अधिकारी Rinku Singh Rahi ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे में आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से कोई जिम्मेदारीपूर्ण पोस्टिंग नहीं दी जा रही थी, जिससे वे जनसेवा नहीं कर पा रहे थे।
रिंकू सिंह राही ने कहा कि वे Uttar Pradesh Revenue Council से संबद्ध थे, लेकिन वहां भी उन्हें कोई ठोस काम नहीं सौंपा गया। “मुझे केवल वेतन मिल रहा था, लेकिन जनता के लिए काम करने का अवसर नहीं दिया गया,” उन्होंने अपने पत्र में लिखा।
सिस्टम पर उठाए गंभीर सवाल
अपने इस्तीफे में राही ने दावा किया कि प्रशासनिक ढांचे के समानांतर एक अलग सिस्टम काम कर रहा है, जिसमें ईमानदार अधिकारियों को सक्रिय भूमिका नहीं दी जाती। उन्होंने इसे नैतिक निर्णय बताते हुए कहा कि बिना काम के पद पर बने रहना उनके सिद्धांतों के खिलाफ है।
शाहजहांपुर पोस्टिंग और विवाद
रिंकू सिंह राही की पहली पोस्टिंग Shahjahanpur के पुवायां तहसील में SDM के रूप में हुई थी। यहां उन्होंने पहले ही दिन सफाई व्यवस्था को लेकर एक क्लर्क को उठक-बैठक कराई, जिसका वीडियो वायरल हो गया।
वकीलों के विरोध के बाद उन्होंने खुद भी सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक की, लेकिन विवाद बढ़ने पर महज 36 घंटे में उन्हें पद से हटा दिया गया और लखनऊ में अटैच कर दिया गया।
संघर्ष से भरी है राही की कहानी
रिंकू सिंह राही का जीवन संघर्ष और साहस का उदाहरण रहा है। साल 2009 में उन्होंने एक बड़े घोटाले का खुलासा किया था, जिसके बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ और उन्हें सात गोलियां लगीं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और दिव्यांग कोटे से UPSC परीक्षा पास कर IAS बने।
पहले भी आए इस्तीफे के मामले
हाल ही में Alankar Agnihotri ने भी अपने पद से इस्तीफा देकर सरकारी नीतियों पर सवाल उठाए थे। इस तरह के मामलों ने प्रशासनिक तंत्र में असहमति और नैतिकता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।




