पश्चिम एशिया तनाव के बीच सरकार का भरोसा—देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं
LPG Crisis India News: “पश्चिम एशिया संकट के बीच कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर पार पहुंची, लेकिन भारत सरकार ने कहा है कि पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं है। जानिए पूरी सप्लाई स्थिति और सरकार की तैयारी।”
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध जैसे हालात के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। सरकार ने कहा है कि घबराने या पैनिक बुकिंग करने की कोई जरूरत नहीं है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता में बताया कि क्षेत्रीय संघर्ष के कारण कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी की वैश्विक सप्लाई प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इसके बावजूद भारत ने स्थिति को संभालने के लिए मजबूत रणनीति अपनाई है।
दो महीने का पर्याप्त भंडार
सरकार के अनुसार, देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और अगले दो महीनों की जरूरतों के लिए सप्लाई सुनिश्चित कर ली गई है। एलपीजी और पीएनजी की स्थिति भी पूरी तरह संतुलित बनी हुई है।
घरेलू उपभोक्ताओं को दी प्राथमिकता
चूंकि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए आयात करता है, इसलिए सरकार ने रणनीतिक फैसला लेते हुए पहले घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी।
शुरुआत में वाणिज्यिक आपूर्ति सीमित की गई, जिसे अब धीरे-धीरे बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक बहाल कर दिया गया है। 14 मार्च से अब तक करीब 30,000 टन व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है।
उत्पादन में 40% तक वृद्धि
सरकार ने बताया कि देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे सप्लाई चेन मजबूत बनी हुई है।
प्रवासी श्रमिकों और उद्योगों को राहत
सरकार ने प्रवासी श्रमिकों, ढाबों, होटलों और औद्योगिक इकाइयों को प्राथमिकता देते हुए करीब 30,000 छोटे (5 किलो) गैस सिलेंडर वितरित किए हैं। साथ ही इस्पात, ऑटोमोबाइल, वस्त्र और रसायन उद्योग को भी सप्लाई सुनिश्चित की गई है।
अफवाहों पर सख्ती, कीमतें स्थिर
सरकार ने ईंधन की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों को खारिज किया है। कुछ स्थानों पर पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारों को पैनिक बुकिंग का नतीजा बताया गया है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार की पैनी नजर
केंद्र सरकार ने दोहराया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हालात की लगातार समीक्षा की जा रही है। जरूरत पड़ने पर त्वरित निर्णय लेकर आपूर्ति और कीमतों को नियंत्रित रखा जाएगा।


