रिचार्ज के बाद बिजली न आने पर मिलेगा मुआवजा, आयोग का बड़ा फैसला
“झांसी में सुनवाई के दौरान बड़ा फैसला, रिचार्ज के बाद 2 घंटे में बिजली न आने पर उपभोक्ताओं को मिलेगा मुआवजा, जानें पूरी खबर।”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। झांसी में आयोजित बिजली दरों की सार्वजनिक सुनवाई में विद्युत नियामक आयोग ने साफ किया कि रिचार्ज के बाद यदि 2 घंटे के भीतर बिजली कनेक्शन बहाल नहीं होता है तो उपभोक्ता मुआवजे के हकदार होंगे।
सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी शिकायतों की जांच की जा रही है।
उपभोक्ताओं ने उठाए बड़े सवाल
बैठक में अवधेश कुमार वर्मा ने स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की मंजूरी 18,885 करोड़ रुपये की थी, लेकिन राज्य में 27,342 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया।
बिजली दरों में कमी की मांग
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली कंपनियों पर करीब 51 हजार करोड़ रुपये का सरप्लस है, ऐसे में बिजली दरों में कटौती की जानी चाहिए। साथ ही निजीकरण पर रोक लगाने और टोरेंट पावर के अनुबंध को समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।
बुंदेलखंड के लिए विशेष पैकेज की मांग
सुनवाई में बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए विशेष राहत पैकेज देने की मांग भी प्रमुख रही। उपभोक्ताओं ने कहा कि महंगी बिजली के कारण इस क्षेत्र से उद्योग पलायन कर रहे हैं, जिसे रोकने के लिए विशेष कदम उठाने जरूरी हैं।
अन्य प्रमुख मांगें
- प्रदेश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए
- मछली पालन को कृषि का दर्जा मिले
- छोटे दुकानदारों को घरेलू श्रेणी में बिजली उपयोग की छूट मिले
सुनवाई में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।




