CM योगी और अखिलेश यादव ने दी बसपा प्रमुख मायावती को जन्मदिन की शुभकामनाएं
“Mayawati Birthday Wishes Yogi Akhilesh: बसपा प्रमुख मायावती के 70वें जन्मदिन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए दी शुभकामनाएं।”
लखनऊ। Mayawati Birthday Wishes Yogi Akhilesh: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रहीं मायावती के 70वें जन्मदिन पर राजनीतिक गलियारों से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से मायावती को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में मायावती के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। उन्होंने लिखा कि वह प्रभु श्रीराम से उनके स्वस्थ और लंबे जीवन की प्रार्थना करते हैं। मुख्यमंत्री के साथ ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी बसपा प्रमुख को जन्मदिन की बधाई दी।
अखिलेश यादव ने संघर्ष को बताया प्रेरणादायक
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मायावती के राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष की खुलकर सराहना की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि मायावती ने जीवनभर शोषित, वंचित और उपेक्षित वर्गों के सम्मान और अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष किया है। अखिलेश यादव ने संविधान विरोधी ताकतों के खिलाफ उनके मुखर रुख को भी उल्लेखनीय बताया।
जिलों में BSP के कार्यक्रम
मायावती के जन्मदिन के अवसर पर बहुजन समाज पार्टी ने प्रदेशभर के जिलों में अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इसे सामाजिक न्याय और बहुजन आंदोलन के उत्सव के रूप में मनाया।
मायावती का राजनीतिक सफर
बसपा सुप्रीमो मायावती का जन्म दिल्ली के एक साधारण परिवार में हुआ था। राजनीति में आने से पहले वह शिक्षिका थीं। कांशीराम के नेतृत्व में राजनीति में कदम रखने वाली मायावती ने महज 40 वर्ष की उम्र में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनने का इतिहास रचा।
उन्होंने चार बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और भारत की पहली दलित महिला मुख्यमंत्री बनीं। खासतौर पर 2007–2012 का कार्यकाल उनकी सोशल इंजीनियरिंग और पूर्ण बहुमत की सरकार के लिए जाना जाता है।
प्रशासनिक तौर पर मायावती को एक सख्त लेकिन प्रभावी नेता माना जाता है। उनके शासनकाल में कई स्मारक, पार्क और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट विकसित किए गए। आज भी वे दलित और वंचित समाज के लिए आत्मसम्मान की प्रतीक मानी जाती हैं।




