मेरठ में पति की हत्या के मामले में पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा

मेरठ में पति अमित कश्यप की हत्या कर सांप के काटने से मौत दिखाने के मामले में पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई। जानिए हत्या की पूरी साजिश, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और कोर्ट के फैसले की पूरी कहानी।
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में पति अमित कश्यप की हत्या कर उसे सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के सनसनीखेज मामले में जिला अदालत ने पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने इस अपराध को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ (दुर्लभतम से दुर्लभ) श्रेणी का मानते हुए यह फैसला सुनाया। सजा सुनाए जाने के दौरान दोनों दोषियों ने अपने परिवार की जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए अदालत से गुहार लगाई।
अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोनों दोषियों का पक्ष सुना। रविता ने अपने तीन छोटे बच्चों की देखभाल की बात कही, जबकि अमरदीप ने अपने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा करने वाला कोई नहीं होने का हवाला दिया। दोनों भावुक होकर रोने लगे। हालांकि, अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
मामला मेरठ के अकबरपुर सादात गांव का है। अमित कश्यप टाइल्स और पत्थर लगाने का काम करते थे। उनके साथ काम करने वाले अमरदीप का उनके घर आना-जाना था। इसी दौरान अमरदीप और अमित की पत्नी रविता के बीच प्रेम संबंध हो गए। बताया गया कि अमित को इस संबंध की जानकारी हो गई थी, जिसके बाद दोनों ने उनकी हत्या की साजिश रची।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 17 अप्रैल 2025 की रात रविता ने अमरदीप के साथ मिलकर अमित की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद हत्या को छिपाने के लिए बिस्तर पर सांप छोड़ दिया, ताकि मौत सांप के काटने से हुई प्रतीत हो।
एक हजार रुपये में खरीदा था सांप
मामले की जांच में सामने आया कि रविता और अमरदीप ने कथित तौर पर एक सपेरे से एक हजार रुपये में सांप खरीदा था। वारदात के बाद अमित के शरीर पर सांप के काटने के निशान दिखाई दिए, जिससे शुरुआत में उनकी मौत सांप के डसने से होने का संदेह हुआ।
हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने मामले की दिशा बदल दी। रिपोर्ट के अनुसार, अमित की मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच की। पूछताछ के दौरान रविता और अमरदीप की भूमिका सामने आई।
551 दिन में हुई सुनवाई
इस मामले में पुलिस ने हत्या के करीब 60 दिन बाद आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत में सुनवाई के दौरान 87 तारीखें पड़ीं और 12 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सात अक्टूबर को अदालत ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया। इसके बाद सजा पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों को मृत्युदंड सुनाया।
फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने अपराध की गंभीरता पर टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि पति की लंबी उम्र के लिए पत्नी करवाचौथ का व्रत रखती है, लेकिन इस मामले में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की। अदालत ने इस कृत्य को अत्यंत गंभीर माना।
मेरठ में लगातार मृत्युदंड के फैसले चर्चा में
मेरठ की अदालत में हाल के दिनों में हत्या के चर्चित मामलों में सुनाई गई मृत्युदंड की सजाओं को लेकर चर्चा तेज है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इससे पहले 14 अक्टूबर को सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को भी फांसी की सजा सुनाई गई थी।
रविता और अमरदीप को सुनाई गई सजा ने एक बार फिर इस मामले को सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, मृत्युदंड के मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और अपील का अधिकार भी महत्वपूर्ण होता है।




