पीएम मोदी के सेवाकाल के 25 साल पूरे, श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना कर बोले- देश सेवा का संकल्प जारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के मुखिया के रूप में 25 साल पूरे होने पर दिल्ली के श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की और देश सेवा का संकल्प दोहराया। राजनाथ सिंह, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने बधाई दी।
नई दिल्ली: PM Modi 25 Years के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की। सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पीएम मोदी ने देश की सेवा के प्रति अपने समर्पण को दोहराया। इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री को बधाई देने का सिलसिला भी जारी रहा।
प्रधानमंत्री की यह यात्रा 7 अक्टूबर 2001 से जुड़ी है, जब उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद करीब 13 वर्ष तक गुजरात का नेतृत्व करने के बाद 2014 में वह देश के प्रधानमंत्री बने। इसके बाद उन्होंने लगातार तीन लोकसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनाई।
श्री विनायक मंदिर में पीएम मोदी ने की पूजा-अर्चना
सरकार के मुखिया के रूप में 25 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने देश की सेवा के प्रति अपने संकल्प को दोहराया।
पीएम मोदी की इस धार्मिक यात्रा को उनके सार्वजनिक जीवन के इस महत्वपूर्ण पड़ाव से जोड़कर देखा जा रहा है। 25 वर्षों की राजनीतिक और प्रशासनिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने लगातार राष्ट्र सेवा और जनकल्याण को अपनी प्राथमिकता बताया है।
नेताओं ने पीएम मोदी को दी बधाई
प्रधानमंत्री के 25 वर्ष पूरे होने पर केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत कई नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए उनके नेतृत्व में भारत के विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक के सफर और इस दौरान किए गए विकास कार्यों का उल्लेख किया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बताया महत्वपूर्ण उपलब्धि
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। उन्होंने पीएम मोदी की सार्वजनिक जीवन की यात्रा को ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना से जोड़ते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में समावेशी विकास का दृष्टिकोण व्यापक राष्ट्रीय मिशन में बदला।
उपराष्ट्रपति ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गरीबी कम करने और देश में कनेक्टिविटी, डिजिटल प्रगति तथा विकास के अवसरों के विस्तार का भी उल्लेख किया।
अमित शाह ने याद किया गुजरात से प्रधानमंत्री तक का सफर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन को महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई राजनीतिक यात्रा से लेकर देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने के सफर को याद किया।
अमित शाह ने प्रधानमंत्री के शासन और विकास से जुड़ी विभिन्न पहलों का भी उल्लेख करते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की।
योगी आदित्यनाथ ने कहा- ‘जन सेवा से राष्ट्र सेवा’
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पीएम मोदी को बधाई दी। उन्होंने प्रधानमंत्री के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूरे करने को देश के लिए खुशी का अवसर बताया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘जन सेवा से राष्ट्र सेवा’ को अपने जीवन का आदर्श बनाया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी भारत की पहचान, गौरव और सम्मान को बढ़ाने के लिए लगातार समर्पित रहे हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया ऐतिहासिक पड़ाव
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की यात्रा को अद्भुत, अभूतपूर्व और ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह सफर 7 अक्टूबर 2001 को शुरू हुआ था, जब नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी।
शिवराज सिंह चौहान ने इस यात्रा को विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में चल रहे बड़े अभियान से जोड़ा।
केंद्रीय कैबिनेट ने पारित किया बधाई प्रस्ताव
प्रधानमंत्री के सरकार के मुखिया के तौर पर लगातार 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्रीय कैबिनेट ने भी बधाई प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में गुजरात से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पीएम मोदी की विकास संबंधी सोच और विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया गया।
प्रस्ताव में गुजरात में लागू की गई कुछ पहलों को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की बात कही गई। इसमें SWAGAT और PRAGATI जैसे प्रशासनिक मॉडलों का भी उल्लेख किया गया।
SWAGAT से PRAGATI तक प्रशासनिक मॉडल का उल्लेख
कैबिनेट के प्रस्ताव में गुजरात के SWAGAT कार्यक्रम का उल्लेख किया गया, जिसके माध्यम से नागरिकों की शिकायतों को सीधे सुनने की व्यवस्था विकसित की गई थी। प्रस्ताव के अनुसार, इस पहल को वर्ष 2010 में संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा पुरस्कार भी मिला।
बाद में PRAGATI के माध्यम से केंद्र और राज्यों से जुड़े महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा, अड़चनों को दूर करने और परियोजनाओं में तेजी लाने की व्यवस्था को आगे बढ़ाया गया।
संस्कृति और पर्यावरण को विकास से जोड़ने का दावा
कैबिनेट प्रस्ताव में पीएम मोदी के विकास मॉडल के साथ सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को भी जोड़ा गया। इसमें योग, बाजरा, काशी विश्वनाथ धाम और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा जैसे विषयों का उल्लेख किया गया।
प्रस्ताव के अनुसार, पर्यावरण के क्षेत्र में गुजरात में जलवायु कार्रवाई से आगे बढ़ते हुए नवीकरणीय ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी तक काम को विस्तार मिला।
2047 तक विकसित भारत का संकल्प
केंद्रीय कैबिनेट के प्रस्ताव में 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया गया। इसमें प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देशवासियों से मिलकर इस दिशा में आगे बढ़ने के संकल्प को दोहराया गया।
इस तरह पीएम मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन का यह पड़ाव उनके राजनीतिक सफर के साथ-साथ भविष्य के लक्ष्यों को रेखांकित करने का अवसर भी बना।
7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर का यह अध्याय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली थी। इसके बाद उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लगातार कई वर्षों तक राज्य का नेतृत्व किया।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। इसके बाद 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद भी उन्होंने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।
इस तरह गुजरात के मुख्यमंत्री पद से शुरू हुई यात्रा सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूरे करने के महत्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंची है।
25 साल की यात्रा का संदेश
PM Modi 25 Years का यह पड़ाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर जहां उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश सेवा के संकल्प को दोहराया, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के नेताओं ने उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और नेतृत्व को लेकर शुभकामनाएं दीं।


