Breaking NewsE-paperMain Slidesउत्तर प्रदेशनई दिल्लीभारतराजनीतिराज्यलखनऊसमाचार

पूर्व IAS दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, बोलीं- किसी दल के साथ नहीं, जनता के साथ करूंगी राजनीति

पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने राजनीति में प्रवेश का एलान किया है। उन्होंने किसी दल से जुड़ने के बजाय जनता के साथ स्वतंत्र राजनीतिक मंच बनाने और उत्तर प्रदेश से शुरुआत करने की बात कही।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद अपने अगले कदम का एलान कर दिया है। उन्होंने राजनीति में प्रवेश करने की घोषणा की है, लेकिन फिलहाल किसी राजनीतिक दल का हिस्सा बनने के बजाय जनता के साथ मिलकर स्वतंत्र राजनीतिक मंच खड़ा करने की बात कही है। मंगलवार को जारी वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ किसी नेता को बदलना नहीं, बल्कि राजनीति के तौर-तरीकों में बदलाव लाना है।

दिव्या मित्तल ने कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी शिकायतें सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पातीं या पहुंचने के बाद भी सुनी नहीं जातीं। उन्होंने देश की आजादी के 80 वर्षों के दौरान आम लोगों से जुड़े सवालों का “हिसाब” मांगने की बात कही।

30 अगस्त को दिया था IAS से इस्तीफा

दिव्या मित्तल 2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी रही हैं। उन्होंने 30 अगस्त 2026 को प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उनका इस्तीफा सितंबर में स्वीकार किया गया और 15 सितंबर से प्रभावी माना गया।

इस्तीफे के बाद उनके अगले कदम को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं थीं। उन्होंने 27 सितंबर को सोशल मीडिया पर 29 सितंबर की सुबह अपने भविष्य की योजना बताने की जानकारी दी थी। अब उन्होंने राजनीति में उतरने की घोषणा कर इन अटकलों पर विराम लगा दिया है।

‘मुझे उन लोगों की आवाज बनना है, जिनकी बात नहीं सुनी जाती’

अपने वीडियो संदेश में दिव्या मित्तल ने कहा कि इस्तीफा देने के बाद उनके सामने सबसे बड़ा सवाल था कि आगे क्या किया जाए। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में इसलिए आ रही हैं क्योंकि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी समस्याएं व्यवस्था में अनसुनी रह जाती हैं।

उन्होंने राजनीति को लेकर अपने दृष्टिकोण को बताते हुए कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ सत्ता या किसी एक राजनीतिक चेहरे को बदलना नहीं है। उनके मुताबिक राजनीति ऐसी होनी चाहिए जिसमें लोगों की समस्याओं, न्याय, जवाबदेही और सोच को प्राथमिकता मिले।

किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी

दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक प्रवेश को लेकर सबसे अहम बात यह कही कि वह किसी राजनीतिक दल के झंडे के नीचे राजनीति शुरू नहीं करेंगी। उन्होंने जनता के साथ मिलकर आगे बढ़ने की बात कही।

उनके अनुसार, पिछले कई दशकों की राजनीति में जिन मुद्दों पर पर्याप्त बदलाव नहीं हुआ, उनका समाधान तलाशने के लिए आम लोगों को राजनीतिक प्रक्रिया में सीधे भागीदार बनना होगा।

ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने अपने लिए किसी स्थापित राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया है और नागरिकों के साथ स्वतंत्र मंच बनाने की बात कही है।

‘मैं डरूंगी नहीं, सवाल पूछूंगी’

पूर्व आईएएस ने अपने संदेश में सोशल मीडिया पर उनके बारे में लगाए गए कुछ आरोपों और कथित अफवाहों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में सवाल उठाने वाली महिलाओं को डराने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

दिव्या मित्तल ने कहा कि वह डरने के बजाय सवाल पूछती रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में ऐसे लोगों की भागीदारी जरूरी है जो सार्वजनिक मुद्दों को लेकर अपनी बात रखने से पीछे न हटें।

यह उनके वीडियो संदेश में व्यक्त किया गया व्यक्तिगत राजनीतिक दृष्टिकोण है।

पैसा, बाहुबल और जातीय समीकरण पर भी बोलीं

दिव्या मित्तल ने चुनावी राजनीति में पैसे, बाहुबल और जातीय-धार्मिक समीकरणों को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके पास चुनावी राजनीति में इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक संसाधन नहीं हैं, लेकिन वह जनता से मिलने वाली ताकत के आधार पर आगे बढ़ना चाहती हैं।

उन्होंने कहा कि जिस धन की राजनीति में चर्चा होती है, वह अंततः सार्वजनिक संसाधनों से जुड़ा होता है। उनके मुताबिक उन्हें उस पैसे से अधिक ऐसी व्यवस्था चाहिए जिसमें सड़क, स्कूल, पुल और दूसरी सार्वजनिक सुविधाओं का लाभ लोगों तक पहुंचे।

उन्होंने जाति और धर्म के आधार पर राजनीतिक समीकरण बनाने के बजाय लोगों को केंद्र में रखने की बात कही।

उत्तर प्रदेश से शुरू करेंगी राजनीतिक सफर

दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत यहीं से होगी। उन्होंने अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश के लोगों से मिले सहयोग और अनुभव का उल्लेख किया।

दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक करियर के दौरान उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में काम किया। वह मिर्जापुर, संतकबीरनगर और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी के रूप में भी तैनात रही हैं।

जनता से जुड़ने के लिए साझा किया संपर्क माध्यम

पूर्व आईएएस ने लोगों से अपने साथ जुड़ने और सुझाव देने की अपील की है। उन्होंने एक व्हाट्सऐप संपर्क माध्यम भी साझा किया है और कहा है कि शिक्षक, डॉक्टर, किसान, मजदूर, वकील, छात्र और अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित अभिभावक इस पहल से जुड़ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि नई राजनीति किसी एक व्यक्ति के दम पर नहीं बनाई जा सकती। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों और समाज के लोगों की भागीदारी जरूरी होगी।

‘मुझ पर नहीं, खुद पर भरोसा कीजिए’

दिव्या मित्तल ने अपने संदेश में लोगों से कहा कि वे उन पर आंख मूंदकर भरोसा न करें, बल्कि खुद पर भरोसा करें। उन्होंने जनता को अपनी राजनीतिक पहल में भागीदार बनने का आह्वान किया।

उन्होंने एक ऐसी व्यवस्था की कल्पना रखी जिसमें आम नागरिक सरकारी दफ्तर में अपनी समस्या लेकर जाए तो उसे किसी सिफारिश या फोन की जरूरत न पड़े और उसकी शिकायत पर सुनवाई हो।

IAS से राजनीति तक का सफर

दिव्या मित्तल ने आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग और आईआईएम बेंगलुरु से प्रबंधन की पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने विदेश में नौकरी की और फिर भारत लौटकर सिविल सेवा में प्रवेश किया। 2013 बैच की आईएएस अधिकारी के तौर पर उन्होंने करीब 13 वर्ष प्रशासनिक सेवा में बिताए।

अब प्रशासनिक सेवा से बाहर आने के बाद उन्होंने राजनीति को अपनी अगली पारी के रूप में चुना है। हालांकि, आगे उनके राजनीतिक मंच का औपचारिक स्वरूप, संगठनात्मक ढांचा और चुनावी भागीदारी किस तरह होगी, यह उन्होंने अभी विस्तार से घोषित नहीं किया है।

एक नजर में दिव्या मित्तल की राजनीतिक घोषणा
  • पद: पूर्व आईएएस अधिकारी, 2013 बैच
  • IAS से इस्तीफा: 30 अगस्त 2026
  • इस्तीफा प्रभावी: 15 सितंबर 2026
  • राजनीतिक प्रवेश: 29 सितंबर 2026
  • राजनीतिक रुख: किसी दल के बजाय जनता के साथ स्वतंत्र पहल
  • राजनीतिक शुरुआत: उत्तर प्रदेश
  • मुख्य मुद्दा: आम लोगों की आवाज और जवाबदेही
  • अगला कदम: नागरिकों के सुझाव और भागीदारी के आधार पर मंच तैयार करने की बात

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button