मायावती ने ईशान आनंद को बनाया राष्ट्रीय संयोजक, लखनऊ में BSP की बैठक में बड़ा फैसला

मायावती ने ईशान आनंद को BSP का राष्ट्रीय संयोजक बनाया। लखनऊ में हुई बैठक में संगठन और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा हुई।
लखनऊ। मायावती ने ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाया। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बुधवार, 23 सितंबर 2026, को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित बैठक के दौरान अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक (National Coordinator) नियुक्त किया। यह फैसला पार्टी की राष्ट्रीय स्तर की बैठक में लिया गया।
बैठक में उत्तर प्रदेश समेत आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी पदाधिकारियों के कामकाज की समीक्षा की गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में विभिन्न राज्यों के पदाधिकारी और घोषित प्रत्याशी भी शामिल हुए।
ईशान आनंद को मिली बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी
बसपा में ईशान आनंद की भूमिका को लेकर पिछले कुछ दिनों से चर्चा चल रही थी। 23 सितंबर को लखनऊ में हुई बैठक में उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दिए जाने की घोषणा कर दी गई। इससे पहले आकाश आनंद के पास राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी थी। हाल में आकाश आनंद को बसपा की सभी जिम्मेदारियों से हटाया गया था।
ईशान आनंद बैठक में अपने पिता आनंद कुमार, जो बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, के साथ मौजूद रहे। बैठक में मायावती के पहुंचने पर ईशान आनंद ने उनका पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद बैठक की कार्यवाही शुरू हुई।
लखनऊ बैठक में संगठन और चुनावी तैयारियों पर फोकस
बसपा की इस बैठक को उत्तर प्रदेश की आगामी विधानसभा चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी की ओर से संगठन को सक्रिय करने, पदाधिकारियों से फीडबैक लेने और चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
रिपोर्टों के मुताबिक, बैठक में पार्टी पदाधिकारियों को अपनी बात रखने का अवसर देने के लिए पोडियम की व्यवस्था भी की गई थी। यह बैठक पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और आगामी चुनाव की तैयारियों के बीच हुई है।
आकाश आनंद के बाद ईशान पर जिम्मेदारी
ईशान आनंद को यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है जब बसपा में हाल के दिनों में परिवार से जुड़े राजनीतिक और संगठनात्मक फैसलों में बदलाव हुए हैं। 12 सितंबर को मायावती ने कहा था कि उनके दोनों भतीजे आकाश आनंद और ईशान आनंद पार्टी में कोई पद नहीं संभालेंगे, जबकि बाद में ईशान को पार्टी में जिम्मेदारी देने का निर्णय सामने आया।
अब 23 सितंबर को ईशान आनंद की राष्ट्रीय संयोजक के रूप में नियुक्ति के साथ बसपा के संगठन में उनकी औपचारिक भूमिका तय हो गई है। भारतीय मीडिया रिपोर्टों ने इसे पार्टी के हालिया संगठनात्मक बदलावों के क्रम में रखा है।
2027 के यूपी चुनाव से पहले संगठन पर नजर
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बसपा का संगठनात्मक फोकस बढ़ा है। लखनऊ में हुई बैठक में चुनावी तैयारियों के साथ-साथ पार्टी के राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पदाधिकारियों की भूमिका पर भी चर्चा हुई।
इस बैठक में मायावती ने पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों को चुनावी तैयारियों से संबंधित दिशा-निर्देश दिए। ऐसे में ईशान आनंद को मिली राष्ट्रीय जिम्मेदारी बसपा के आगामी संगठनात्मक अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।



