राम मंदिर ट्रस्ट ने संदीप गुप्ता समेत तीन को फिर सौंपी जिम्मेदारी, विदेशी महिला की शिकायत के बाद हटाए गए थे

राम मंदिर ट्रस्ट ने संदीप गुप्ता समेत तीन लोगों को दोबारा मंदिर की व्यवस्था में जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए हैं। विदेशी महिला की शिकायत के बाद संदीप को नोटिस जारी हुआ था।
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े तीन लोगों को दोबारा सेवा की जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए हैं। इनमें गोलीकांड में मारे गए कारसेवक वासुदेव गुप्ता के बेटे संदीप गुप्ता के अलावा केडी तिवारी और बजरंग लाल के नाम सामने आए हैं। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से अभी इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
संदीप गुप्ता को इससे पहले एक विदेशी महिला यात्री की शिकायत के बाद मंदिर परिसर की व्यवस्था से अलग किया गया था। महिला ने ट्रस्ट को ईमेल भेजकर संदीप के व्यवहार को लेकर शिकायत की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रस्ट की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
विदेशी महिला ने ईमेल से की थी शिकायत
जानकारी के मुताबिक, रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंची एक विदेशी महिला यात्री ने ट्रस्ट को ईमेल के माध्यम से संदीप गुप्ता के व्यवहार को लेकर शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद ट्रस्ट ने मामले को गंभीरता से लिया और संदीप को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
यह नोटिस ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन की ओर से जारी किया गया था। संदीप ने नोटिस का जवाब भी दिया था। उनका कहना था कि उन पर महिला के साथ दुर्व्यवहार का लगाया गया आरोप गलत था।
अब फिर मंदिर की व्यवस्था में लौटने की बात
संदीप गुप्ता के मुताबिक, अब ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देवगिरी की ओर से उन्हें दोबारा सेवा में लौटने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही केडी तिवारी और बजरंग लाल को भी मंदिर की व्यवस्थाओं में वापस बुलाए जाने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, इस पूरे मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में पुनर्नियुक्ति से जुड़ी जानकारी फिलहाल सामने आई सूचनाओं और संबंधित व्यक्ति के बयान पर आधारित है।
कौन हैं संदीप गुप्ता?
संदीप गुप्ता के पिता वासुदेव गुप्ता राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े कारसेवक थे। उनकी नया घाट बाजार और रामपथ पर मिठाई की दुकान थी। जानकारी के अनुसार, 30 अक्टूबर 1990 को राम जन्मभूमि के निकट कारसेवा के दौरान गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी।
पिता की मौत के बाद संदीप की मां शकुंतला गुप्ता ने उनका पालन-पोषण किया। कुछ वर्ष पहले उनकी मां का भी निधन हो गया। वर्तमान में संदीप अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहते हैं।
2024 में मिली थी मंदिर में नौकरी
परिवार के भरण-पोषण के लिए संदीप ने लंबे समय तक प्रयास किया। राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद वर्ष 2024 में उन्हें मंदिर की व्यवस्थाओं में नौकरी मिली थी। वह मंदिर के यात्री सेवा केंद्र में लॉकर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
अब विदेशी महिला की शिकायत से जुड़े मामले के बाद दोबारा उन्हें सेवा में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही उनकी जिम्मेदारी और सेवा में वापसी की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद व्यवस्थाओं में बदलाव
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की व्यवस्थाओं और निगरानी व्यवस्था में कई बदलाव किए हैं। इसी दौरान मंदिर परिसर में तैनात कर्मचारियों और व्यवस्थाओं को लेकर भी जांच एवं कार्रवाई की जानकारी सामने आती रही है।
संदीप गुप्ता समेत तीन लोगों को दोबारा जिम्मेदारी दिए जाने की खबर इसी बदलाव के बीच सामने आई है। अब सभी की नजर ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में जारी होने वाले आधिकारिक बयान पर है।



