कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन का ‘सीजन-2’ जल्द, अभिजीत दिपके बोले- जंतर-मंतर पर फिर होगा प्रदर्शन

कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन का जंतर-मंतर सीजन-2 जल्द शुरू होगा। अभिजीत दिपके ने नए विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया। CJP अब सरकारी स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था पर अभियान चलाएगी।
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन एक बार फिर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर लौटने की तैयारी में है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने बुधवार को संकेत दिया कि जंतर-मंतर पर आंदोलन का ‘सीजन-2’ जल्द शुरू किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने अभी प्रदर्शन की निश्चित तारीख का खुलासा नहीं किया है। इस खबर की पुष्टि कई मीडिया रिपोर्ट्स ने भी की है।
‘जंतर-मंतर सीजन-2’ जल्द शुरू होगा- दिपके
अभिजीत दिपके ने कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार लोग उनसे पूछ रहे थे कि जंतर-मंतर प्रदर्शन का ‘सीजन-2’ कब शुरू होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और ‘जंतर-मंतर का सीजन-2 बहुत जल्द शुरू होने वाला है।’
हालांकि, आंदोलन की शुरुआत की तारीख और प्रदर्शन का विस्तृत कार्यक्रम अभी सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि नया प्रदर्शन पहले चरण की तरह लगातार चलेगा या अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जाएगा।
दिल्ली में वॉलंटियर्स की बैठक को लेकर दिपके का दावा
दिपके के मुताबिक, दिल्ली में CJP के वॉलंटियर्स की बैठक आयोजित की जानी थी। इसके लिए एक हॉल बुक किया गया था, लेकिन बैठक से पहले आयोजन स्थल को लेकर परेशानी सामने आई।
दिपके ने आरोप लगाया कि हॉल मालिकों पर दबाव बनाया गया और उन्हें धमकी दी गई कि अगर CJP की बैठक होने दी गई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने इसके लिए भाजपा पर आरोप लगाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, उपलब्ध रिपोर्टों में भी बैठक स्थल के आखिरी समय पर उपलब्ध न रहने की बात सामने आई है।
शिक्षा व्यवस्था को बनाया जाएगा अभियान का प्रमुख मुद्दा
CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि संगठन अब देशभर में ‘लिसनिंग टूर’ (Listening Tour) शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य लोगों की समस्याओं और राय को सीधे समझना बताया गया है।
दास के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस से शिक्षा के मुद्दे को प्राथमिकता दी जाएगी। संगठन की ओर से अभिभावकों और नागरिकों से सरकारी स्कूलों का दौरा करने, वहां की स्थिति का रिकॉर्ड रखने और सोशल ऑडिट करने की अपील की गई है।
CJP का कहना है कि ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूल लंबे समय से उपेक्षा का सामना कर रहे हैं और अभियान के जरिए इन स्कूलों की वास्तविक स्थिति को सामने लाने की कोशिश की जाएगी।
15 अगस्त से नया अभियान शुरू करने का दावा
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर सरकारों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संगठन 15 अगस्त से एक अभियान शुरू करेगा, जिसमें गांवों के सरकारी स्कूलों की स्थिति और उन्हें बेहतर बनाने की जिम्मेदारी को मुद्दा बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि संगठन गांवों के सरपंचों से भी अपने-अपने गांव के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने की मांग करेगा। CJP के मुताबिक, यदि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है तो संगठन विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपना सकता है।
पहले आंदोलन में क्या हुआ था?
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन के तहत जंतर-मंतर पर लंबा प्रदर्शन हुआ था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, CJP का आंदोलन शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में रहा। जून के अंत और जुलाई में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहने की रिपोर्टें भी प्रकाशित हुई थीं।
पिछले आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव भी विवाद का विषय बना। अलग-अलग रिपोर्टों में पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों के घायल होने और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के घायल होने के दावे सामने आए। इन घटनाओं को लेकर राजनीतिक विवाद भी हुआ।
अब आगे क्या?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन का सीजन-2 कब शुरू होगा और उसका स्वरूप क्या होगा? अभिजीत दिपके ने तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन उनके बयान से साफ है कि CJP दोबारा सड़क पर उतरने की तैयारी कर रही है।
नए चरण में संगठन का फोकस केवल जंतर-मंतर के प्रदर्शन तक सीमित रहने के बजाय सरकारी स्कूल, शिक्षा व्यवस्था, ग्रामीण समस्याएं और युवाओं के मुद्दे हो सकता है। आने वाले दिनों में अभियान की तारीख, स्थान और मांगों को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय प्रस्तावना इस घटनाक्रम से जुड़ी आधिकारिक घोषणाओं और राजनीतिक गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।


