आजम खान से मिलने रामपुर जेल पहुंचे शिवपाल यादव, अब्दुल्ला आजम से भी करेंगे मुलाकात

आजम खान से मिलने शिवपाल यादव रामपुर जेल पहुंचे। सपा महासचिव आजम खान और अब्दुल्ला आजम से मुलाकात के बाद परिवार से भी मिलेंगे। रामपुर की सियासत और सपा के समीकरणों पर नजर।
रामपुर। आजम खान से मिलने शिवपाल यादव रामपुर जेल पहुंचे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव बुधवार, 12 अगस्त 2026 को रामपुर पहुंचे। सुबह करीब 11 बजे रामपुर पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद शिवपाल यादव सीधे रामपुर जिला कारागार के लिए रवाना हो गए, जहां उन्होंने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से मुलाकात की।
जेल पहुंचते ही बढ़ी सियासी हलचल
शिवपाल यादव के रामपुर पहुंचने से पहले ही उनकी आजम खान से मुलाकात को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज थीं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 12 अगस्त को आजम खान और अब्दुल्ला आजम से जेल में मुलाकात का कार्यक्रम पहले से तय था।
रामपुर जिला कारागार पहुंचने पर शिवपाल यादव ने तत्काल मीडिया से बातचीत नहीं की। उन्होंने संकेत दिया कि आजम खान से मुलाकात के बाद वह बाहर आकर अपनी बात रखेंगे। ऐसे में अब सबकी निगाहें इस मुलाकात के बाद शिवपाल यादव के बयान पर टिकी हैं।
आजम खान के परिवार से भी मुलाकात
जेल में मुलाकात के बाद शिवपाल यादव के आजम खान के परिवार से भी मिलने का कार्यक्रम है। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार वह आजम खान की पत्नी तजीन फात्मा और उनके बड़े बेटे अदीब आजम से उनके आवास पर मुलाकात करेंगे।
इसके बाद शिवपाल यादव मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचेंगे, जहां शिक्षकों और छात्रों से संवाद करने का कार्यक्रम है। इसके बाद वह दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
सपा के लिए क्यों अहम है यह मुलाकात?
शिवपाल यादव और आजम खान दोनों ही समाजवादी राजनीति के वरिष्ठ और प्रभावशाली चेहरे रहे हैं। ऐसे समय में जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, दोनों नेताओं की मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालिया रिपोर्टों में भी शिवपाल यादव के रामपुर दौरे और आजम खान से मुलाकात को सपा के पुराने राजनीतिक समीकरणों को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा गया है। हालांकि, आजम खान को मनाने की जिम्मेदारी शिवपाल यादव को दी गई है, यह बात फिलहाल राजनीतिक चर्चा और अटकलों के स्तर पर है; इसे पार्टी की आधिकारिक घोषणा के रूप में नहीं कहा जा सकता।
रामपुर से दिल्ली तक सियासी संदेश पर नजर
शिवपाल यादव का रामपुर दौरा केवल जेल में मुलाकात तक सीमित नहीं है। आजम खान के परिवार से मुलाकात और जौहर यूनिवर्सिटी में शिक्षकों-छात्रों से संवाद के कार्यक्रम के कारण इस दौरे को व्यापक राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आजम खान और शिवपाल यादव की मुलाकात के बाद क्या राजनीतिक संदेश सामने आता है? क्या यह मुलाकात समाजवादी पार्टी और आजम खान के बीच दूरी कम करने की दिशा में कोई कदम साबित होगी या फिर यह केवल व्यक्तिगत एवं संगठनात्मक संवाद तक सीमित रहेगी? इसका जवाब शिवपाल यादव के मुलाकात के बाद दिए जाने वाले बयान से मिल सकता है।




