यूपी में पांच एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, भूमि अधिग्रहण और विस्तार के लिए 18,400 करोड़ रुपये का प्रावधान

उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट 2026 में औद्योगिक विकास और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए 22,208 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। गंगा एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ लिंक, विंध्य एक्सप्रेसवे समेत पांच प्रमुख परियोजनाओं के निर्माण और भूमि अधिग्रहण को गति मिलेगी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सड़क और औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए अनुपूरक बजट में बड़ा निवेश किया है। सरकार ने औद्योगिक विकास और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए कुल 22,208 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इनमें से पांच प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के निर्माण, विस्तार और भूमि अधिग्रहण के लिए 18,400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
सरकार का उद्देश्य राज्य में तेज, सुरक्षित और आधुनिक सड़क संपर्क विकसित करने के साथ-साथ एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है।
गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार पर सबसे बड़ा निवेश
अनुपूरक बजट में मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए 5,780 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें 5,700 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण और 80 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पर खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे को प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी और चंदौली होते हुए सोनभद्र तक विंध्य एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 6,580 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि में 6,500 करोड़ रुपये भूमि खरीद के लिए निर्धारित किए गए हैं।
आगरा-लखनऊ और नोएडा एयरपोर्ट लिंक को भी मिलेगी गति
सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे (हरदोई-फर्रुखाबाद मार्ग) तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
वहीं नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे को बुलंदशहर के रास्ते जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए 250 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण
सोनभद्र से चंदौली और गाजीपुर होते हुए पूर्वांचल लिंक स्पर तक प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए 2,300 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण के मद में रखे गए हैं। यह परियोजना पूर्वी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी।
दिल्ली-नोएडा कनेक्टिविटी को भी मिलेगा नया फ्लाईओवर
अनुपूरक बजट में चिल्ला रेगुलेटर (दिल्ली) से नोएडा के महामाया फ्लाईओवर तक शाहदरा नाले के किनारे एलिवेटेड फ्लाईओवर के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे दिल्ली-नोएडा के बीच यातायात को सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
औद्योगिक विकास के लिए 3,000 करोड़ रुपये
सरकार ने मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण योजना के तहत नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस राशि से राज्य के विभिन्न हिस्सों में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन को 1,500 करोड़
अनुपूरक बजट में अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के लिए 1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत संडीला, रामसनेही घाट, मेजा, आईएमएलसी गाजीपुर, अंबेडकर नगर और बांदा औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 495.86 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
यूपीडा के नए मुख्यालय का भी होगा निर्माण
सरकार ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के नए कार्यालय भवन के निर्माण और भूमि खरीद के लिए 119 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। साथ ही उत्तर प्रदेश आईटी सदन की स्थापना के लिए 50.02 करोड़ रुपये तथा स्टेट डाटा सेंटर 2.0 के लिए 51 करोड़ रुपये भी बजट में शामिल किए गए हैं।
एक्सप्रेसवे किनारे विकसित होंगे औद्योगिक कॉरिडोर
राज्य सरकार ने एक्सप्रेसवे के किनारे अमरोहा, फिरोजाबाद, अमेठी, सुल्तानपुर, बदायूं, इटावा, हमीरपुर, महोबा, जालौन और उन्नाव में औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने के लिए 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है। सरकार का मानना है कि इससे औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्य बातें
- औद्योगिक विकास और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए 22,208 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- पांच प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए 18,400 करोड़ रुपये आवंटित।
- मेरठ-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार पर 5,780 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- गंगा एक्सप्रेसवे को सोनभद्र तक जोड़ने के लिए 6,580 करोड़ रुपये, जिसमें 6,500 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण के लिए।
- आगरा-लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 400 करोड़ रुपये और नोएडा एयरपोर्ट लिंक के लिए 250 करोड़ रुपये।
- नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 3,000 करोड़ रुपये और औद्योगिक कॉरिडोर के लिए अतिरिक्त 200 करोड़ रुपये का प्रावधान।


