कांवड़ यात्रा 2026: CM योगी का बड़ा आदेश, रेट लिस्ट से ड्रोन निगरानी तक हर व्यवस्था हो नंबर-1
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और कानून व्यवस्था को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए। कांवड़ मार्गों पर शराब-मांस की दुकानें बंद रखने, ड्रोन निगरानी और निर्धारित मूल्य पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
लखनऊ। श्रावण मास में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कांवड़ मार्गों पर शराब और मांस की दुकानें रहेंगी बंद
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली शराब और मांस की सभी दुकानें यात्रा अवधि के दौरान बंद रखी जाएं। साथ ही होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट के बाहर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट या निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए।
सुरक्षा के लिए ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमुख कांवड़ मार्गों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी की जाए। पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए तथा संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए।
सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
मुख्यमंत्री ने प्रमुख घाटों पर महिला श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित चेंजिंग रूम बनाने के निर्देश दिए। साथ ही पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा ताकि महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
स्वास्थ्य सेवाएं रहेंगी पूरी तरह सक्रिय
योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग को यात्रा के दौरान पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमुख मार्गों पर चिकित्सा शिविर प्रभावी ढंग से संचालित किए जाएं और एंटी-वेनम तथा एंटी-रेबीज इंजेक्शन सहित आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
सड़क, पेयजल और स्वच्छता पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कांवड़ मार्गों की क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। पूरे मार्ग पर स्वच्छता, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अन्य राज्यों से रहेगा समन्वय
कांवड़ की निर्धारित ऊंचाई और यात्रा संबंधी अन्य व्यवस्थाओं के पालन के लिए उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर तालमेल से यात्रा अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होगी।
मेरठ मॉडल पूरे प्रदेश में लागू होगा
बैठक में मेरठ जोन की तैयारियों का प्रस्तुतीकरण देखने के बाद मुख्यमंत्री ने वहां की कार्ययोजना को प्रदेश के अन्य सभी जोनों में भी लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल, अवध, ब्रज, बुंदेलखंड और रुहेलखंड तक सभी जिलों में सुरक्षा और सुविधाओं का स्तर समान होना चाहिए।
कांवड़ संघों से संवाद और शिविरों का सत्यापन
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्थानीय प्रशासन कांवड़ संघों के साथ नियमित संवाद बनाए रखे और कांवड़ शिविर संचालकों का समय रहते सत्यापन पूरा करे। उन्होंने तैयारियों की लगातार समीक्षा कर कमियों को पहले ही दूर करने पर जोर दिया।
बाढ़ और वीआईपी मूवमेंट को लेकर भी निर्देश
मुख्यमंत्री ने बढ़ते जलस्तर वाली नदियों के घाटों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए। संभावित बाढ़ और कटान प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की तैयारियां पूरी रखने को कहा गया। साथ ही वीआईपी आवागमन की पूर्व जानकारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा बाधित न हो।
हर व्यवस्था हो ‘नंबर-1’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महापर्व है। ऐसे में सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, यातायात और जनसुविधाओं की हर व्यवस्था सर्वोच्च स्तर की होनी चाहिए, ताकि प्रदेश में कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।



