लखनऊ नगर निगम की बड़ी बैठक: स्वच्छता, वायु गुणवत्ता, राजस्व और विकास से जुड़े अहम फैसलों पर मुहर, पम्मी तिवारी बने उपाध्यक्ष
लखनऊ नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में शहर के विकास, स्वच्छता, वायु प्रदूषण नियंत्रण, राजस्व वसूली और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सुशील तिवारी ‘पम्मी’ को उपाध्यक्ष चुना गया और 149 एयर क्वालिटी सेंसर लगाने का निर्णय लिया गया।
लखनऊ। नगर निगम कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को मोहान रोड स्थित शिवरी सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में शहर के विकास, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, वायु गुणवत्ता निगरानी, पार्किंग व्यवस्था, विज्ञापन नीति, विद्युत आपूर्ति, राजस्व वसूली, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पुराने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण सहित कई अहम प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। कई प्रस्तावों को कार्यकारिणी ने मंजूरी प्रदान की।
सुशील तिवारी ‘पम्मी’ बने कार्यकारिणी उपाध्यक्ष
बैठक की शुरुआत में उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से सुशील तिवारी ‘पम्मी’ को कार्यकारिणी उपाध्यक्ष चुना। उनके चयन पर महापौर सहित सभी सदस्यों ने शुभकामनाएं दीं।
वायु गुणवत्ता निगरानी के लिए 149 सेंसर लगेंगे
नगर निगम ने शहर में वायु प्रदूषण की निगरानी को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कार्यकारिणी ने वार्ड स्तर पर 149 लो-कॉस्ट एयर क्वालिटी सेंसर लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
इसके लिए एयरावत रिसर्च फाउंडेशन के साथ एमओयू किया जाएगा। यह सिस्टम पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे प्रदूषकों की रियल टाइम निगरानी करेगा। एआई आधारित तकनीक से प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान और 24 से 72 घंटे का पूर्वानुमान भी उपलब्ध होगा। खास बात यह है कि इस परियोजना पर नगर निगम का कोई वित्तीय भार नहीं आएगा।
एलडीए संपत्तियों पर अब लगेगा टैक्स और यूजर चार्ज
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि एलडीए के पार्कों और सार्वजनिक स्थलों का व्यावसायिक उपयोग होने पर अब कमर्शियल टैक्स और यूजर चार्ज वसूला जाएगा। इससे नगर निगम के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
कॉलोनी टेकओवर के लिए सख्त नियम
अब नगर निगम किसी भी कॉलोनी को तभी अपने अधीन लेगा, जब सभी नागरिक सुविधाएं पूरी तरह से हस्तांतरित होंगी। अधूरी सुविधाओं वाली कॉलोनियों को टेकओवर नहीं किया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य भविष्य की समस्याओं को रोकना है।
विज्ञापन नीति-2026 के तहत बाजार सर्वे को मंजूरी
नई विज्ञापन नियमावली के तहत शहर में विज्ञापन स्थलों का बाजार सर्वे कराया जाएगा। इसमें यूनीपोल, डिजिटल स्क्रीन, बस शेल्टर और अन्य स्थानों की दरें तय की जाएंगी। एजेंसी और्बटेर्रा इन्फो विजन प्रा. लि. को इस कार्य के लिए चुना गया है।
विद्युत उपकेंद्र और नया जोनल कार्यालय
कल्ली पश्चिम में नया 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र बनाने के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई। साथ ही अमौसी में जोन-5 के नए जोनल कार्यालय के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया गया।
ई-कॉमर्स वेयरहाउस पर लगेगा शुल्क
शहर में बढ़ते ई-कॉमर्स वेयरहाउस को देखते हुए नगर निगम ने उनसे लाइसेंस शुल्क वसूली का निर्णय लिया है। इसके लिए नई उपविधि-2026 तैयार की जाएगी।
शिवरी प्लांट में पुराने कचरे का होगा निस्तारण
शिवरी सॉलिड वेस्ट प्लांट में जमा 4.21 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को भी मंजूरी दी गई है। यह कार्य बायोरेमेडिएशन तकनीक से किया जाएगा और इस पर लगभग 26.60 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
शहर विकास की दिशा में अहम कदम
बैठक में लिए गए निर्णयों से लखनऊ में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, राजस्व बढ़ोतरी और शहरी सेवाओं के सुधार को गति मिलने की उम्मीद है। नगर निगम का कहना है कि ये फैसले शहर को अधिक स्मार्ट और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।



