Breaking NewsE-paperMain Slidesउत्तर प्रदेशराज्यलखनऊसमाचार

यूपी में गर्मी से बचाव की नई तैयारी, 11 शहरों के लिए संशोधित ‘सिटी हीट एक्शन प्लान’ लागू होगा

UP City Heat Action Plan 2026 के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ, कानपुर, आगरा समेत 11 शहरों के लिए नई हीट एक्शन योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अब जिला प्रशासन विशेषज्ञों और विभिन्न विभागों के सहयोग से हीटवेव प्रबंधन की कार्ययोजना बनाएगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने ‘सिटी हीट एक्शन प्लान’ में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) ने अब प्रदेश के 11 प्रमुख शहरों के लिए नए सिरे से हीट एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत जिलाधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राज्य सरकार का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ते तापमान के कारण शहरी क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में वैज्ञानिक और स्थानीय परिस्थितियों पर आधारित कार्ययोजना तैयार करना समय की आवश्यकता है।

पहले एनजीओ तैयार करते थे रिपोर्ट

वर्ष 2024 में यूपीएसडीएमए ने ‘सिटी हीट एक्शन प्लान’ की रूपरेखा तैयार की थी। प्रारंभिक योजना के अनुसार विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं (NGO), पर्यावरण विशेषज्ञों और शोध संस्थानों की मदद से जिलों की हीटवेव प्रबंधन रिपोर्ट तैयार की जानी थी। इसके लिए प्रत्येक परियोजना पर लगभग 11 लाख रुपये तक व्यय करने का प्रावधान किया गया था।

जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि वे स्थानीय संस्थाओं और विशेषज्ञों से रिपोर्ट प्राप्त कर अपने जिले की हीट एक्शन योजना तैयार करें और उसे राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजें।

भेजी गई रिपोर्टों को किया गया खारिज

सूत्रों के अनुसार, विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्टों का अध्ययन करने के बाद यूपीएसडीएमए ने उन्हें अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं पाया। इसके बाद संबंधित रिपोर्टों को खारिज करते हुए पूरी प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू करने का निर्णय लिया गया।

अब जिला प्रशासन स्वयं विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत और व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करेगा।

इन 11 शहरों के लिए बनेगी नई योजना

नए निर्देशों के तहत प्रदेश के जिन 11 प्रमुख शहरों के लिए संशोधित ‘सिटी हीट एक्शन प्लान’ तैयार किया जाएगा, उनमें शामिल हैं—

  • लखनऊ
  • कानपुर
  • आगरा
  • मेरठ
  • गोरखपुर
  • प्रयागराज
  • वाराणसी
  • बरेली
  • मुरादाबाद
  • अयोध्या
  • गाजियाबाद

इन शहरों में हीटवेव के प्रभाव, शहरी ताप द्वीप (Urban Heat Island) की समस्या, हरित क्षेत्रों की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन संसाधनों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा।

विभिन्न विभागों का होगा समन्वय

यूपीएसडीएमए ने स्पष्ट किया है कि नई कार्ययोजना केवल कागजी प्रक्रिया नहीं होगी, बल्कि इसे बहु-विभागीय समन्वय के आधार पर तैयार किया जाएगा।

इसके लिए जिला प्रशासन को निम्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं—

  • आपदा प्रबंधन विभाग
  • नगर निगम एवं नगर निकाय
  • कृषि विभाग
  • बागवानी विभाग
  • स्वास्थ्य विभाग
  • मौसम विभाग
  • जल निगम एवं पेयजल विभाग
  • पर्यावरण एवं वन विभाग

इसके अलावा स्थानीय विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और जलवायु विशेषज्ञों को भी योजना निर्माण में शामिल किया जाएगा।

छोटे वन क्षेत्रों और हरित क्षेत्र बढ़ाने पर जोर

हीट एक्शन प्लान के तहत शहरों में छोटे-छोटे शहरी वन (Urban Forest) विकसित करने, सड़क किनारे वृक्षारोपण बढ़ाने, सार्वजनिक स्थानों पर छायादार संरचनाएं विकसित करने और जल संरक्षण उपायों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने से तापमान नियंत्रित करने और हीटवेव के प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी।

गर्मी से बचाव के लिए तैयार होगी व्यापक रणनीति

नई कार्ययोजना में अस्पतालों की तैयारी, हीट स्ट्रोक प्रबंधन, सार्वजनिक चेतावनी प्रणाली, कूलिंग सेंटर, पेयजल उपलब्धता और संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकॉल शामिल किए जाएंगे।

सरकार का उद्देश्य केवल आपदा के समय राहत देना नहीं, बल्कि पहले से तैयारी कर हीटवेव से होने वाले नुकसान को न्यूनतम करना है।

जलवायु परिवर्तन के दौर में महत्वपूर्ण पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में हीटवेव की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में वैज्ञानिक आधार पर तैयार ‘सिटी हीट एक्शन प्लान’ भविष्य में लाखों लोगों को गर्मी के गंभीर प्रभावों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

नई कार्ययोजना के लागू होने के बाद प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में हीटवेव प्रबंधन को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button